07 Nov 2024
बहुत से लोगों को अर्थराइटिस की समस्या का सामना करना पड़ता है. अर्थराइटिस की दिक्कत होने पर घुटनों, एड़ियों, पीठ, कलाई या गर्दन के जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है.
ये बीमारी ज्यादातर बुजुर्गों में देखी जाती है. लेकिन खराब लाइफस्टाइल की वजह से युवा वर्ग भी इसकी चपेट में आ रहे है.
आर्थराइटिस या गठिया से पीड़ित लोग हर दिन अपने बिगड़ते जोड़ो और आपस में रगड़ खाती हड्डियों के भीषण दर्द से जूझते हैं. आर्थराइटिस मरीज के जोड़ों पर असर करता है और हड्डियों के बीच के कार्टिलेज को खत्म करने लगता है.
बढ़ती उम्र के साथ इसका खतरा बढ़ता जाता है. इस समस्या की समय से पहचान बेहद जरूरी है.
आयुर्वेद में अर्थराइटिस की समस्या को दूर करने के कई उपायों के बारे में बताया गया है. आचार्य बालकृष्ण ने अर्थराइटिस की समस्या से छुटकारा पाने का एक अचूक उपाय बताया है. आइए जानते हैं इस बारे में-
आचार्य बालकृष्ण ने हरसिंगार के पौधे के बारे में बताया है. उन्होंने कहा हरसिंगार के फूलों और कोमल पत्तियों को पानी में उबालकर पीने से अर्थराइटिस की समस्या दूर हो सकती है.
आचार्य बालकृष्ण ने बताया कि 5 ग्राम हरसिंगार के फूल और पत्तियों को 200 ग्राम पानी में उबालकर इस काढ़ा को पीने से अर्थराइटिस की समस्या में काफी आराम मिलता है.
हर्बल टी के रूप में हरसिंगार का प्रयोग काफी फायदेमंद साबित होता है. अगर आपको कफ या खांसी है तो चाय में हरसिंगार की 2 पत्तियां, एक फूल और तुलसी के पत्ते 1-2 पत्ते डालकर पिएं.
इससे अर्थराइटिस की समस्या नहीं होगी. दर्द की शिकायत दूर होगी, कफ और खांसी व बलगम में आराम मिलेगा और पेट भी साफ होगा.
यह एक सामान्य जानकारी है. डाइट में कोई भी बदलाव करने से पहले एक बार डॉक्टर से संपर्क जरूर करें.