जिंदगी में कोई भी नया अनुभव अच्छा होने पर भी उदासी की वजह बन सकता है. इनमें से एक होता है, नई मां की उदासी, बेचैनी या उलझन.
नई मांओं में Postpartum blues की परेशानी आम है लेकिन ये बढ़ जाए तो Depression बन सकती है.
बच्चा होने के बाद मां के अंदर कई तरह के ख्याल आते हैं. कई बार वो अपने शरीर से निकले हिस्से का अलग होना बर्दाश्त नहीं कर पाती.
तो कई बार उसकी फिक्र या एक नई जिम्मेदारी की सोच उसे परेशान कर देती है. जो मां की मेंटल हेल्थ पर बुरा असर डालती है.
अगर ये फ्रिक ज्यादा लंबे वक्त हो जाए तो खतरनाक डिप्रेशन का रूप ले लेती है. इसमें मां को अपने आपको या बच्चे को नुकसान पहुंचाने तक के ख्याल आने लगते हैं.
एक्सपर्ट्स इससे बचने के लिए मां को बच्चे के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताने की सलाह देते हैं. इसके साथ ही मां की नींद पूरी होनी, पूरा आराम मिलना भी बेहद जरूरी है. ऐसे हाल में मां को परिवार के साथ की बेहद जरूरत होती है.