05 nov 2025
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भोजपुरी, मैथिली और हिंदी भाषाओं में अपने गीतों के लिए मशहूर 'बिहार कोकिला' शारदा सिन्हा का 5 नवंबर को निधन हो गया.
मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक शारदा सिन्हा साल 2018 से मल्टीपल मायलोमा नामक ब्लड कैंसर से परेशान थीं.
मल्टीपल मायलोमा एक दुर्लभ रक्त कैंसर है जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है.
अगर शुरुआती चरणों में इस कैंसर की पहचान हो जाती है तो मरीज की जान बचाई जा सकती है.आइए जानते हैं इसके लक्षण.
इस बीमारी से पीड़ित मरीज केहाथों और पैरों में कमजोरी और सुन्नपन का एहसास होना शुरु हो जाता.
साथ ही हड्डियों में बहुत तेज दर्द रहना शुरू हो जाता है.
मल्टीपल मायलोमा रीढ़ की हड्डियों को प्रभावित कर सकता है, जिससे वे सिकुड़ जाती हैं और रीढ़ पर दबाव डालती हैं और उसमें असहनीय दर्द होता है.
मल्टीपल मायलोमा कैंसर का रोगी बहुत अधिक थकान महसूस करता है. उसे एनीमिया की समस्या हो सकती है.
इस बीमारी से परेशान मरीज को मतली और उल्टी भी बहुत होती है. इसके अलावा उसे भूख लगना भी कम हो जाता है. साथ ही उसे जीवाणु संक्रमण होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है.