18 JAN 2025
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मॉडर्न लाइफस्टाइल, टेक्नोलॉजी और हेल्थ पर कम ध्यान देने के कारण आज के समय में युवा पीढ़ी को भी चश्मा लगना आम हो गया है.
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स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट जैसे स्क्रीन के बढ़ते उपयोग, आंखों की हेल्थ पर ध्यान न देना, मायोपिया, हाइपरोपिया, फैशन ट्रेंड, चश्मे तक बेहतर पहुंच, कॉन्टैक्ट लेंस का चलन के कारण लोगों को चश्मा लग जाता है.
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लेकिन क्या आप जानते हैं सिगरेट-शराब के अधिक सेवन से भी चश्मा लगता है. जी हां, हाल ही में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राहिल चौधरी ने एक पॉडकास्ट के दौरान इस बारे में बताया.
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डॉ. राहिल ने कहा, 'सिगरेट शराब दोनों नुकसान करते हैं और आंखों को बहुत बीमार कर देते हैं. सिगरेट पियोगे तो जो मोतियाबिंद हो सकता है, डायबिटीज हो सकती है.'
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'सिगरेट-शराब तो पूरी बॉडी को ही खराब करेगी. अब अगर कोई चीज पूरे शरीर को खराब करेगी तो उसका असर तो आंखों पर भी होगा ही.'
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'आंखों में बेसिकली सिगरेट-शराब जो है ना हमारी बॉडी में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस प्रोड्यूस करती है. तो जब ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस होता है फ्री रेडिकल्स नाम की चीज होती है वो हमारे पूरे बॉडी को नुकसान करेगा.'
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'तो वो आंखों को भी नुकसान करता है. मोतियाबिंद की प्रॉब्लम 60-70 साल में आती है लेकिन अधिक सिगरेट-शराब के सेवन से ये जल्दी आ सकती है.'
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'काला मोतिया, काला पर्दे की प्रॉब्लम होती है. इसका कारण है कि हर प्रॉब्लम को हम कहीं न कहीं सिगरेट-शराब से लिंक कर पाते हैं.'
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'इसलिए सिगरेट-शराब से जितना हो सके दूर रहें, लाइफस्टाइल सही रखें, डाइट अच्छी लें, फिजिकल एक्टिव बने रहें.'
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