20 Nov 2024
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आजकल भागदौर की जिंदगी में लोगों को सही से भरपूर नींद न लेने के कारण सिरदर्द और दिन में बार-बार झपकी की समस्या होती है.
आपने अपने घर के बड़े-बुजुर्गों को दिन में कुछ वक्त सोते हुए जरूर देखा होगा.
बढ़ती उम्र में अगर कोई दिन में सो रहा है या बार-बार झपकी आ रही है तो ये डिमेंशिया का शुरुआती लक्षण हो सकते हैं.
घर का कोई बुजुर्ग दिन में अधिक सो रहा है तो उनमें Motoric cognitive risk syndrome का खतरा बढ़ जाता है, जो प्री-डिमेंशिया का जोखिम बढ़ा सकता है.
बार-बार नींद की झपकी का आना, बातचीत करने में कठिनाई बढ़ना, एकाग्रता की कमी और चीजों पर फोकस न कर पाना, मूड स्विंग की समस्या से गुज़रना, एक ही सवाल का हर थोड़ी देर में पूछना और समझना इसके लक्षण हो सकते हैं.
आइए जानते हैं डिमेंशिया के जोखिम को कम करने के उपाय.
रात में समय पर सोएं और कम से कम 7-8 से नींद लें. इससे शरीर एक्टिव रहता है. अपनी डायट में अंडे, मछली, मेवे और चेरी का सेवन करें.
खाली बैठने की जगह अपनी पसंद के किसी काम में खुद को इंगेज रखें. इससे आपको नींद नहीं आएगी. कुछ पढ़ने-लिखने में अपने आपको इंगेज रखें. इससे ब्रेन बूस्ट होता है और नींद आने से बचा जा सकता है.
कोई हॉबी या एक्टिविटी करें या खाली समय में कोई पेट भी पाल सकते हैं.
अपनी डायट में ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल करें. इससे ब्रेन एक्टिव रहेगा. इसके साथ ही आहार में नट्स और सीड्स को शामिल करें.
हर दिन 15-20 मिनट योगा जरूर करें, इससे मसल्स हेल्थ के अलावा मेंटल हेल्थ भी इंप्रूव होगा.