29 Dec 2024
अर्थराइटिस हड्डियों में होने वाली एक समस्या है जिसके चलते व्यक्ति को जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या का सामना करना पड़ता है. यह हड्डियों के आसपास के टिशू को प्रभावित करता है जिससे जोड़ों में दर्द के साथ ही कड़कपन और चलने फिरने में भी दिक्कत होती है.
अर्थराइटिस बढ़ने का एक कारण रक्त कोशिकाओं का सिकुड़ना हो सकता है. अर्थराइटिस की समस्या से छुटकारा पाना काफी ज्यादा मुश्किल होता है.
गठिया की शुरुआत में हाथों में दर्द महसूस होता है. इसके बाद धीरे-धीरे सुबह-शाम जोड़ों में अकड़न और सूजन जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं. हाथों को काम करने में दिक्कत होने लगती है.
हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें खाने से आपको अर्थराइटिस की समस्या में थोड़ा आराम मिल सकता है. हालांकि इन चीजों से आपके अर्थराइटिस की समस्या दूर तो नहीं होती लेकिन इससे दर्द में कुछ आराम मिल सकता है.
ओमेगा-3 फैटी एसिड में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो गठिया या अर्थराइटिस के दर्द को कम करने में मदद करता है.
अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो गठिया या अर्थराइटिस के दर्द को कम करने में मदद करता है.
हल्दी में करक्यूमिन मौजूद होता है जिसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो गठिया या अर्थराइटिस के दर्द को कम करने में मदद करते हैं.
पत्ता गोभी और ब्रसेल्स स्प्राउट्स और ब्रोकोली, सभी में सल्फोराफेन होता है, शोध से पता चला है कि सल्फोराफेन कार्टिलेज को होने वाले नुकसान को धीमा कर सकता है और जोड़ों की सूजन को कम कर सकता है.
अखरोट के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. अमेरिका स्थित आर्थराइटिस फाउंडेशन के अनुसार, अखरोट के तेल में जैतून के तेल की तुलना में दस गुना ज्यादा ओमेगा-3 फैट होता है. यह कोलेस्ट्रॉल को कम करने और हार्ट हेल्थ को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है.
साबुत अनाज भी खून में सूजन को कम करने के लिए जाने जाते हैं. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि उनमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं. ओट्स विटामिन ई जैसे माइक्रो न्यूट्रीएंट्स से भी भरपूर होते हैं.