By- Aajtak.in
कोलेस्ट्रॉल शरीर में मौजूद वैक्स की तरह का एक पदार्थ होता है. हमारे खून में दो तरह का कोलेस्ट्रॉल पाया जाता है गुड कोलेस्ट्रॉल और बैड कोलेस्ट्रॉल. बैड कोलेस्ट्रॉल को काफी खतरनाक माना जाता है.
धमनियों में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने पर दिल तक खून सही मात्रा में नहीं पहुंच पाता जिस कारण हार्ट अटैक और स्ट्रोक आदि का खतरा बढ़ जाता है.
कोलेस्ट्रॉल की समस्या का इलाज समय पर ना करने पर कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है.
शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने पर कई तरह के संकेत दिखाई देते लगते हैं. आइए जानते हैं इनके बारे में-
जैंथेलाज्मा- शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने पर नाक के बगल में और पलकों के कोनों पर पीले रंग कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है.
कॉर्नियल आर्कस- शरीर में कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने से आंख के पास सफेद, नीला या ग्रे अर्धचंद्राकार आकार में कोलेस्ट्रॉल जमा हो जाता है जो आंख के कॉर्निया के बाहरी किनारों के चारों ओर घुमावदार होता है.
पाल्मर ज़ैंथोमास- धमनियों में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने पर शरीर के किसी भी हिस्से में नरम, पीले धब्बे या पैच होते हैं.
टेंडन जैंथोमास- शरीर में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ने पर स्किन के नीचे गांठ होने लगती हैं.
धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमा होने से दिल और दिमाग तक खून का प्रवाह सही से नहीं हो पाता जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है.