12 Dec 2024
वायु प्रदूषण शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद खतरनाक है. इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों की मेंटल हेल्थ पर पड़ता है, क्योंकि इम्यूनिटी कमजोर होती है.
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वायु प्रदूषण के कारण मस्तिष्क में सूजन आ सकती है और ऑक्सीडेटिव तनाव बढ़ सकता है. इससे मस्तिष्क की कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होने की आशंका होती है.
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मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक, वायु प्रदूषण की वजह से बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास धीमा पड़ सकता है.
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वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से न्यूरोडेवलपमेंट विकारों का जोखिम बढ़ जाता है. इसकी वजह से न्यूरोलॉजिकल रोग ऑटिज्म का खतरा भी बढ़ जाता है.
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अगर गर्भवती महिला वायु प्रदूषण के संपर्क में आती है तो गर्भाशय में पल रहे शिशु का दिमागी विकास धीमा हो सकता है, क्योंकि वायु प्रदूषण की वजह से गर्भनाल के विकास और भ्रूण तक सही तरीके से ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं. इससे जन्म के बाद बच्चों का मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है.