09 May 2024
मेंटल हेल्थ को दुरस्त रखने के लिए शरीर में कुछ हार्मोन का संतुलित होना बेहद जरूरी है. अगर इन हार्मोन का बैलेंस बिगड़ जाए तो आपका मानसिक स्वास्थ्य बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है.
Image: Freepik
शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन का बैलेंस बिगड़ने से व्यक्ति में मूड स्विंग और चिड़चिड़ापन देखने को मिलता है.
Image: Freepik
बॉडी में प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन का स्तर कम होने पर इंसान में एंग्जाइटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं.
Image: Freepik
इंसुलिन हार्मोन आपके ब्लड ग्लूकोज लेवल को कम रखकर ब्रेन पर अच्छा असर डालता है. इसलिए बेहतर मेंटल हेल्थ के लिए इंसुलिन हार्मोन का बैलेंस होना जरूरी है.
Image: Freepik
T3 हार्मोन का स्तर संतुलित रहने पर व्यक्ति का मूड ठीक रहता है और यह हार्मोन ब्रेन के लिए एंटीडिप्रेसेंट की तरह काम करता है. T3 हार्मोन का बैलेंस बिगड़ने पर इंसान एंग्जाइटी और डिप्रेशन का शिकार हो सकता है.
Image: Freepik
शरीर में टेस्टेस्टेरॉन हार्मोन का संतुलन बिगड़ने से व्यक्ति को शारीरिक थकान के साथ मानसिक थकान भी महसूस होती है.
Image: Freepik
शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन का स्तर ठीक रहने से व्यक्ति में एंग्जाइटी और डिप्रेशन के लक्षण कम होते हैं और नींद भी अच्छी आती है.
Image: Freepik