05 Dec 2024
जीवन में हर कोई सफल होना चाहता है, लेकिन ये जरूरी तो नहीं कि आप किसी भी काम में पहले प्रयास में ही सफल हो जाएं. ऐसे कई बच्चे होते हैं, जिनके मन में असफलता का डर बैठ जाता है, जिससे उनकी मेंटल हेल्थ पर भी बुरा असर पड़ता है.
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आज हम आपको बताएंगे कि बच्चों के मन से असफलता के डर को कैसे दूर किया जा सकता है.
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पढ़ाई के अलावा बच्चे के लिए दोस्तों के साथ बातचीत करना और समय बिताना भी बेहद जरूरी है. इससे बच्चा अपने जीवन में आने वाली मुश्किलों को अन्य बच्चों के साथ साझा करके उसे हल करने की कोशिश करता है. इसलिए बच्चों का सोशल इंटरेक्शन बढ़ाएं.
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जीवन में मिलने वाली असफलता एक मार्गदर्शन के रूप में काम करती है. बच्चे को इस बात की जानकारी जरूर दें कि फेलियर मिलने के बाद ही व्यक्ति अपनी कमियों को जानकर आगे बढ़ सकता है और मनचाहा मुकाम हासिल कर सकता है.
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बच्चों को समझाएं कि अपनी गलतियों से हताश होने की जगह उससे सीखकर आगे बढ़ें. साथ ही असफल होने के बाद निराश होकर बैठने की जगह समाधान की तलाश में जुट जाएं.
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बच्चा अगर फेल हो जाए तो उसे डांटने की जगह प्यार से समझाएं और गलतियों से सीख लेकर जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दें. इसके अलावा सक्सेस पाने के लिए बच्चे को समय की कद्र करना सिखाएं.
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नकारात्मक विचारों से दूर रहने के लिए बच्चों का मानसिक रूप से मजबूत होना जरूरी है.उन्हें हर परिस्थिति का सामना करने के योग्य बनाएं, तभी वो एंग्ज़ाइटी और डिप्रेशन का शिकार होने से बच सकता है.
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