08 Dec 2024
गिलोय को काफी फायदेमंद जड़ी-बूटी माना जाता है. आयुर्वेद में गिलोय के कई फायदों के बारे में बताया गया है.
आचार्य बालकृष्ण ने भी गिलोय के कई फायदों के बारे में बताया है . आइए जानते हैं-
शहद या मिश्री के साथ गिलोय के रस का सेवन करने से चेहरे पर झुर्रियां और झाइयां नहीं होगी, चेहरे पर निखार आएगा
यौन संचारित संक्रमण या कमजोरी होने पर भी शहद या मिश्री के साथ गिलोय का सेवन करने से काफी फायदे मिलते हैं.
कैंसर जैसी बीमारी में भी गिलोय बहुत लाभकारी है. कैंसर रोगी गिलोय और गेहूं के जवारे के रस का नियमित सेवन करें.
इसमें 5 से 7 पत्ते तुलसी और 4 से 5 पत्तियां नीम की मिला दें. इसका सेवन करने से अप्लास्टिक एनीमिया के मरीजों को जिन्हें बार-बार खून चढ़ाना पड़ता है, लाभ मिलता है.
एक इंच गिलोय को रोजाना पानी में भिगोकर पीने से खून से संबंधित समस्याएं दूर होती है. इससे शरीर के सारे विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं.
पीलिया जैसी बीमारी को ठीक करने के लिए गिलोय और पुनर्नवा मूल को कूटकर इसका रस निकाल लें. इस रस को रोगी को कुछ दिनों तक पिलाने से पीलिया जड़ से खत्म हो जाएगा और पेट से जुड़ी समस्याएं भी ठीक होंगी.
गिलोय में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फ्लेवोनोइड्स मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करते हैं.