01 April 2024
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आपने अक्सर देखा होगा कि कुछ लोग तो सुबह खिलखिलाते हुए उठते हैं लेकिन कई लोगों के लिए सुबह का वक्त बेहद मुश्किल होता है. ये लोग सुबह किसी से बात करना भी पसंद नहीं करते.
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सुबह का ये चिड़चिड़ापन मॉर्निंग एंग्जाइटी हो सकती है. इसकी वजह दिनभर की चिंताएं और रात की नींद भी हो सकती हैं. आइये जानते हैं, मॉर्निंग एंग्जाइटी के कारण और उपाय.
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कई लोग सुबह उठकर तनाव महसूस करते हैं. ऐसा शरीर में स्ट्रेस हार्मोन कार्टिसोल के बढ़ने से हो सकता है. कोर्टिसोल शरीर में तनाव, ब्लड प्रेशर, मेटाबॉलिज्म, शुगर और सूजन को नियंत्रित करता है. कोर्टिसोल के स्तर में कमी या बढ़त सेहत के लिए नुकसानदायक है.
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कैफीन और शुगर की अधिक मात्रा एंग्जाइटी की समस्या को बढ़ा देती है. कैफीन की मात्रा बढ़ने से तनाव की समस्या बढ़ने लगती है, जो मार्निंग एंग्जाइटी की समस्या को बढ़ा देता है.
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नींद की खराब क्वालिटी भी मार्निंग एंग्जाइटी की समस्या को बढ़ा सकती है. रिसर्च के मुताबिक, रात की कम नींद को मार्निंग एंग्जाइटी का मुख्य कारण माना जाता है. जो लोग रात में गहरी नींद लेते हैं, उनके शरीर में हैप्पी हार्मोन रिलीज होने लगता है.
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कुछ आदतों में बदलाव करके हम मार्निंग एंग्जाइटी से राहत पा सकते हैं. आइये जानते हैं, इसके उपाय.
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स्ट्रैस से शरीर में कई तरह के बदलाव का असर हमारी सेहत पर पड़ने लगता है. इन तरह-तरह के बदलाव और मेंटल हेल्थ में सुधार के लिए हेल्दी खान-पान बेहद जरूरी है. जिसमें हेल्दी ब्रेकफास्ट सबसे अहम है.
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तनाव के स्तर को कम करने के लिए व्यायाम भी बेदह ज़रूरी है. इससे शरीर का स्टेमिना बूस्ट होने लगता है और शरीर में हैप्पी हार्मोन भी रिलीज़ होते हैं.
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नेगेटिविटी हमारी सबसे बड़ी दुश्मन है. किसी व्यक्ति या स्थिति से प्रभावित होकर नकारात्मक विचारधारा को अपने लाइफस्टाइल का हिस्सा न बनाएं. इससे नींद न आने की समस्या का सामना करना पड़ता है, जो तनाव को बढ़ाता है.
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सोना और उठना का समय तय करें और उसे फॉलो करें. इससे नींद की गुणवत्ता बढ़ेगी और दिमाग को सुकून महसूस होने लगेगा. जिससे मार्निंग एंग्जाइटी से बचा जा सकता है.
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