आंखों के लिए बेहद जरूरी हैं ये चीजें, नहीं खाने से हो सकता है नुकसान

15 Feb 2025

आंखों की रोशनी तेज होना किसी वरदान से कम नहीं होता है, खासतौर पर जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है आंखों रोशनी कम होने लगती है.

आंखों की रोशनी

आंखों की रोशनी को बढ़ाने के लिए एक बैलेंस डाइट का होना काफी जरूरी होता है. इसके लिए जरूरी है कि आप अपनी डाइट में सब्जियों को भी शामिल करें.

आंखों की रोशनी कैसे बढ़ाएं

आज हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें खाने से आपकी आंखों से जुड़ी सभी समस्याएं दूर  हो सकती है.

पालक- पालक में ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन नाम के दो एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. ये दोनों ही आंखों को खतरनाक यूवी किरणों और ब्लू लाइट से होने वाले डैमेज से बचाते हैं. यह आंखों में मोतियाबिंद की समस्या नहीं होने देते हैं.

शकरकंद- यह बीटा-कैरोटीन का काफी अच्छा सोर्स माना जाता है. इसमें विटामिन ए की भी भरपूर मात्रा पाई जाती है. विटामिन ए हमारी आंखों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है जिससे रतौंधी की समस्या नहीं होती है.

ब्रोकली- इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी  भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह आंखों के रेटिना को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं.

गाजर-  इसमें बीटा-कैरोटीन होता है जिसे हमारा शरीर विटामिन ए में बदल देती है. इसे खाने से आंखों के इंफेक्शन का खतरा कम होता है और आपकी आंखें हाइड्रेटेड रहती हैं.

बेल पेपर्स- रंग-बिरंगी बेल पेपर्स में एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह आंखों की रक्त वाहिकाओं को मेंटेन करते हैं और मोतियाबिंद के खतरे को कम  करने में मदद करते हैं.

टमाटर- टमाटर में लाइकोपीन नाम का एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा  में पाया जाता है. यह आपके रेटिना की रक्षा करता है और मैक्युलर डिजनरेशन से बचाता है. मैक्युलर डिजनरेशन आपके रेटिना से जुड़ी एक समस्या है. यह तब होता है जब रेटिना का एक हिस्सा जिसे मैक्युला कहा जाता है, क्षतिग्रस्त हो जाता है. टमाटर में विटामिन A और विटामिन C भी होता है.