06 Nov 2024
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अगर आप देर रात, बिना छुट्टी के काम में लगे रहते हैं या अपने वीकेंड पर भी अपने काम को लेकर लैपटॉप खोलकर बैठे हैं तो आप हसल कल्चर के शिकार हैं.
देर रात तक काम करना या अपने आपको बिना कुछ सोचे काम में झोंक देना हसल कल्चर कहलाता है. तेजी से युवाओं के बीच बढ़ता हसल कल्चर दिल और दिमाग दोनों के लिए खतरनाक है.
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हसल-कलर नए युग में प्रमोट की जानी वाली जीवनशैली का प्रतीक बन चुका है.एक ऐसी जीवनशैली, जिसमें व्यक्ति 24/7 काम और उपलब्धियों की दौड़ में लगा रहता है.
इसका सबसे ज्यादा प्रभाव विशेष युवा पीढ़ी में दिख रहा है. यह लाइफस्टाइल और मेंटल हेल्थ पर काफी निगेटिव प्रभाव डाल रहा है.
कई कंपनी के मैनेजमेंट अपने कर्मचारियों को देर रात तक रुकने या ओवरटाइम करने का दबाव डालते हैं, ये हसल कल्चर का उदाहरण है.
जब व्यक्ति लगातार बेस्ट प्रोडक्टिविटी और कंपटीशन की भावना में रहता है, तो मानसिक थकावट और संतुलन की कमी आम हो जाती है. आइए जानते हैं इससे बचने के उपाय.
ऑफिस के काम के साथ-साथ आपको घर के काम के लिए एक निश्चित समय सेट करना होगा. अपने काम के बीच में आप 2 या 3 घंटे पर ब्रेक जरुर लें, प्रोडक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए, ब्रेक लेना आवश्यक है.
हर रोज एक्सरसाइज के लिए समय निकालें, बैलेंस डायट को फॉलो करें और 8 घंटे की नींद जरूर लें.
वीकेंड या समय मिलने पर आप अपने परिवार या दोस्तों के साथ समय जरूर बिताएं.
यदि तनाव और चिंता अत्यधिक बढ़ जाए, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना फायदेमंद होता है.