ओवरथिंकिंग...इस शब्द से शायद हर कोई ही वाकिफ होगा. छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी चीजों के बारे में अत्यधिक सोचना ओवरथिकिंग कहलाता है.
ओवरथिकिंग की वजह से व्यक्ति को स्ट्रेस और एंग्जाइटी जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. मेंटल स्ट्रेस के साथ-साथ ओवरथिंकिंग शारीरिक समस्याओं का भी कारण बनती है.
आइए जानते हैं कैसे आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ओवरथिंकिंग खतरनाक है.
मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो जरूरत से ज्यादा किसी बारे में सोचना ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है. ऐसे में यह आपको स्ट्रोक या दिल के दौरे जैसी हृदय समस्याओं के प्रति संवेदनशील बना सकता है.
जब आप किसी भी चीज के बारे में ज्यादा सोच रहे होते हैं तो ऐसे में नींद ना आना आम बात है. आप जब बिना नींद पूरी करे दिन की शुरुआत करती हैं तो आपको कमजोरी, सुस्ती और चिड़चिड़ापन महसूस होता है. साथ ही, आप अपने काम पर भी फोकस नहीं कर पाते.
एक्सपर्ट की मानें तो अगर आप ज़्यादा सोचने की वजह से तनावग्रस्त हैं, तो आप खाना नहीं खा पाते या कई बार ज़्यादा खाना शुरू कर देते हैं. दोनों आदतें आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं.
जब कोई तनाव में होता है, तो शरीर में कॉर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है. कॉर्टिसोल आपकी इम्यूनिटी को कमजोर करता है. ऐसे में एलर्जी, संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.