27 Dec 2024
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15 से 20 साल की उम्र के लड़के-लड़कियों को पिंपल्स की समस्या अधिक होती है.
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ऐसे में कई टीनएजर्स पिंपल्स को लेकर काफी स्ट्रेस में रहते हैं क्योंकि उनमें दर्द भी होता है और कई बार पिंपल्स के कारण उनका मोरल भी डाउन हो जाता है.
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कई यंगस्टर्स को नहीं पता कि आयुर्वेद में पिंपल्स का कारण भी बताया गया है जो कई हद तक उनकी ईटिंग हैबिट्स से जुड़ा हुआ है.
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हाल ही में डॉ. नयना वनौरा (Dr. Nayana Vanaura) ने पिंपल्स के कारण को आयुर्वेद के मुताबिक समझाया.
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डॉ. नयना से पूछा गया, 'ट्वेंटीज में बहुत ज्यादा पिंपल्स के प्रॉब्लम बढ़ रहे हैं और इसका कारण आयुर्वेद में पित्त का बढ़ना होता है. तो क्या जिस खाने से हीट ज्यादा जनरेट हो रही है, उससे पित्त दोष बढ़ता है?'
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डॉ. नयना ने कहा, 'आयुर्वेद में कुछ ऐसी चीजें हैं जो शरीर में गर्मी पैदा करती हैं.'
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'कड्डू अम्ल लवणम ऊष्णम. कड्डू यानी तीखा, अम्लम यानी खट्, लवणम यानी नमक, साल्टी. यानी कि जो खाने में तो ठीक ही होगा लेकिन अंदर जाके वो उष्ण वीर्य होता है यानी गर्मी पैदा करता है.'
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'लहसुन को देखिए, खाने में तीखा नहीं है लेकिन शरीर के अंदर जाकर वह गर्मी पैदा कर देता है.'
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'आइसक्रीम ठंडी है लेकिन आइसक्रीम की कंसिस्टेंसी ऐसी है जो अंदर जाकर हीट बढ़ा देती है.'
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'बस ऐसी चीजें जो पेट में जाकर गर्म करती हैं, उन चीजों को खाना बंद करना है.'
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