डिप्रेशन एक मेडिकल कंडीशन है जो व्यक्ति के मानसिक और शारिरिक स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होती है.
डिप्रेशन से जूझ रहा व्यक्ति इस हद तक मानसिक रूप से परेशान रहने लगता है कि कभी-कभी वो अपने जीवन को खत्म कर देना बेहतर समझते हैं.
हालांकि, आपको बता दें, डिप्रेशन को ठीक किया जा सकता है, बस आपको जागरुक होने की जरूरत है. आज हम आपको डिप्रेशन के 6 लक्षण बता रहे हैं.
जब कोई व्यक्ति डिप्रेशन से गुजर रहा होता है तो उसकी नींद का शेड्यूल पूरी तरह बिगड़ जाता है. कुछ लोग बहुत अधिक सोने लगते हैं, तो वहीं, कुछ लोगों को नींद आना बंद हो जाती है.
अगर आपको अपनी नींद के पैटर्न में कुछ असामान्य लग रहा है तो आपको सतर्क होने की जरूरत है.
काम की डेडलाइन भूल जाना, काम में लगातार गलतियां आना इस ओर इशारा करती हैं कि आप चीजों पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं.
अगर आप लंबे वक्त से चीजों पर फोकस नहीं कर पा रहे हैं. लगातार चिंतित रहते हैं, दुखी रहते हैं तो ये डिप्रेशन की निशानी हो सकती है.
जब कोई डिप्रेशन में होता है, तो छोटी सी बात भी आपको अधिक चिंतित कर देती है.छोटी-छोटी बातों पर आपको पसीना आने लगता है, दिल की धड़कन बढ़ जाती है और आपके हाथ-पैर में कंपन शुरू हो जाती है तो ये डिप्रेशन का लक्षण है.
कुछ लोगों को डिप्रेशन में अधिक भूख लगती है और उनका वजन तेजी से बढ़ता है. वहीं दूसरी ओर लोगों में भूख की कमी हो जाती है और वजन गिरने लगता है.
अगर आपको अपनी भूख और वजन में अचानक परिवर्तन नजर आ रहा है तो आप इसे बिल्कुल नजरअंदाज ना करें.
छोटी-छोटी बातों पर अधिक गुस्सा, किसी भी बात पर रोना आ जाना ये सब इस ओर इशारा करता है कि आपका अपनी भावनाओं पर नियंत्रण नहीं है.
भावनाओं पर नियंत्रण ना होना डिप्रेशन का एक लक्षण है.