10 Sep 2024
Credit: Freepik
तनाव की लत तब होती है जब किसी व्यक्ति को लगातार ऐसी स्थिति में रहने की ज़रूरत महसूस होती है जहां उसे प्रोडक्टिव होने के लिए दबाव महसूस होता है.
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ये आदत लगातार चिंता, एंग्जाइटी और स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है, क्योंकि क्रोनिक तनाव कोर्टिसोल (तनाव के दौरान निकलने वाला हार्मोन) के स्तर को बढ़ाता है. इसे कई लक्षणों से पहचाना जा सकता है.
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तनाव की लत सबसे महत्वपूर्ण लक्षणों में से एक है लगातार थकान. अगर आप पूरी रात सोने या वीकेंड के बाद भी थका हुआ महसूस करते हैं, तो तनाव इसका कारण हो सकता है.
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अगर आपका दिमाग हमेशा काम से जुड़े विचारों या जिम्मेदारियों से भरा रहता है, तो यह तनाव की लत है. इसमें काम के अपडेट के लिए बार-बार अपना फोन या ईमेल चेक करना शामिल है.
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तनाव की लत का एक और संकेत है आराम करने में असमर्थता, साथ ही जब आप आराम करने की कोशिश करते हैं तो अपराध बोध की भावनाएं. तनाव के आदी कई लोग इस धारणा से जूझते हैं कि ब्रेक लेना बेकार है.
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तनाव भावनात्मक स्वास्थ्य, मूड, स्मृति और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करता है, जिसके कारण बार-बार मूड में बदलाव और चिड़चिड़ापन हो सकता है.
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तनाव की लत का एक और हमेशा हाँ कहने का एक पैटर्न है, भले ही यह संभव न हो. ये व्यवहार अक्सर दूसरों को खुश करने की इच्छा या उन्हें निराश करने के डर से उत्पन्न होता है.
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इस पर काबू पाने के लिए लोगों को तनाव से निपटने, कॉर्टिसोल के स्तर को बढ़ने से रोकने व अपने जीवन में स्वस्थ संतुलन बनाने के बेहतर तरीके सीखने की जरूरत है.
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इसके लिए पहले पैटर्न को पहचानें, सीमाओं का निर्धारण करें, हेल्दी रुटीन फॉलो करें. अच्छी आदतें डालें और अपने विचारों पर काम करें.
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