29 Jan 2025
मल्टीग्रेन आटा कई तरह के अनाज को पीसकर तैयार किया जाता है. इसमें गेहूं के अलावा ज्वार, बाजरा, जौ, रागी, चना जैसे कई अनाज मिलाए जाते हैं.
अधिकतर लोग गेहूं की रोटी खाने की बजाय मल्टीग्रेन आटे की रोटी खाना पसंद करते हैं.
डाइटीशियन लवलीन कौर के मुताबिक,आपको मल्टीग्रेन आटे से बनी रोटियों का सेवन करने से बचना चाहिए.
डाइटीशियन लवलीन कौर के मुताबिक, आप चाहे गेहूं की रोटी खाएं या किसी भी मिलेट की. आपको एक टाइप पर सिर्फ एक अनाज से बनी हुई रोटी का ही सेवन करना चाहिए. क्योंकि नेचर ने हमें एक टाइम पर खाने के लिए एक आइटम ही दिया है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि हमारी बॉडी एक टाइम पर केवल एक ही अनाज को डाइजेस्ट कर पाती है. लेकिन जब आप अलग-अलग अनाजों को एक साथ खाते हैं तो इससे पेट में दिक्कत होने लगती है.
जब आप एक साथ कई अनाजों को मिक्स करते हैं तो इससे आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को इन सभी चीजों को तोड़कर पचाने में दिक्कत होती है.
मल्टीग्रेन आटा खाने से कई लोगों को कब्ज का सामना करना पड़ता है क्योंकि यह आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को स्लो कर देता है.
वैसे तो फाइबर हमारे पेट के लिए काफी हेल्दी माना जाता है लेकिन जरूरत से ज्यादा फाइबर खाने से आपको ब्लोटिंग, गैस आदि समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. खासतौर पर उन लोगों को जिनका डाइजेस्टिव सिस्टम कमजोर है.
यह एक सामान्य जानकारी है. किसी भी चीज को डाइट में शामिल करने से पहले एक बार डॉक्टर से पूछ लें.