12 March 2024
करियर में आगे बढ़ने के लिए जरूरी है कि आप खुद पर हमेशा भरोसा रखें और निर्णय लेने की क्षमता रखते हों.
कुछ लोगों में निर्णय लेने की क्षमता होती है, अपने काम को बेहद अच्छे से करने की काबिलियत होती है, लेकिन सेल्फ डाउट के चलते वो अपने आपको एक्सप्रेस नहीं करते हैं.
इसका सीधा-सीधा असर उनकी छवि पर पड़ता है. आज हम आपको बताएंगे कि क्या होता है सेल्फ डाउट और कैसे करें इसकी पहचान.
सेल्फ डाउट का अर्थ होता है आत्म संदेह. जब व्यक्ति खुद की काबिलियतों पर ही शक करने लगता है तो उसे सेल्फ डाउट कहते हैं.
इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं. अगर कोई आपको लंबे समय से क्रिटिसाइज कर रहा है, या आप में गलतियां निकालने की कोशिश कर रहा है तो आप सेल्फ डाउट की स्थिति में जाने लगते हैं.
अगर आप ऐसे लोगों से घिरे हैं, जहां लोग आपकी हर एक्शन पर सवाल करते हैं, तो ऐसे में किसी भी व्यक्ति के मन में सेल्फ क्रिटिसिज्म या सेल्फ डाउट आ सकता है.
सेल्फ डाउट एक मानसिकता है जो आपको सफल होने और खुद पर विश्वास करने से रोकती है.
आप दूसरों से प्रशंसा स्वीकार नहीं कर सकते, और आप स्वयं को श्रेय नहीं दे सकते
आप लगातार किसी एक चीज को लेकर रीएश्योर होने की कोशिश करती रहते हैं.
आपको ऐसा लगता है कि आप किसी भी कार्य के लिए अच्छे नहीं हैं.