08 Nov 2024
गॉलब्लैडर को पित्त की थैली भी कहा जाता है. यह हमारे पाचन में एक अहम भूमिका निभाता है. पित्त की थैली, लिवर के ठीक नीचे होती है. इसका काम लिवर से निकलने वाले बाइल जूस को स्टोर करना होता है, जिससे भोजन को पचाने के दौरान ये छोटी आंत में बाइल जूस पहुंचा कर पाचन में मदद करता है.
PC: Getty Images
जब आप अनहेल्दी डाइट लेते हैं तो पित्त की थैली में या पित्ताशय में पथरी की समस्या होने लगती है. इसकी वजह से दर्द के साथ ही शरीर में और भी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
पित्त की थैली में पथरी होने पर कई बार इसे निकालने के अलावा विकल्प नहीं होता है. वहीं, इसे निकालने के बाद पाचन और कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है, साथ ही खान-पान का काफी ज्यादा ख्याल रखना होता है.
तो अगर आप अपने पित्ताशय को हेल्दी रखना चाहते हैं और चाहते हैं कि इसमें पथरी ना हो तो इसके लिए अपने खानपान का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है.
अनहेल्दी फैट्स से भरपूर फ्राइड फूड्स जैसे फास्ट फूड, प्रोसेस्ड स्नैक्स, फ्राइड मीट खाने से गॉलब्लैडर की समस्या बढ़ सकती हैं. इन चीजों को डाइजेस्ट करना काफी मुश्किल होता है और जिससे गॉलब्लैडर पर काफी ज्यादा प्रेशर पड़ जाता है.
जिन चीजों में शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है, ऐसी चीजों को खाने से पित्ताशय में पथरी की समस्या काफी ज्यादा बढ़ सकती है. शुगरी चीजें बाइल और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को डिस्टर्ब करती हैं, जिससे पित्ताशय में पथरी होने के चांसेस बढ़ जाते हैं. जरूरी है कि आप केक, कुकीज और डोनट आदि चीजों से दूर रहें.
रिफाइंड कार्ब्स जैसे ब्रेड, पास्ता, पेस्ट्री आदि में फाइबर और पोषक तत्व ना के बराबर होते हैं. रिफाइंड कार्ब्स का सेवन ज्यादा करने से पित्त की थैली में पथरी की समस्या बढ़ सकती हैं.
सीमित मात्रा में शराब का सेवन करने से कोई नुकसान नहीं होता लेकिन अगर आप बहुत अधिक मात्रा में शराब पीते हैं तो इससे पित्ताशय में पथरी बनने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. हाई कैफीन युक्त चीजें भी आपकी दिक्कतें बढ़ा सकती हैं.
प्रोसेस्ड और फ्रोजन मीट में अनहेल्दी फैट और प्रिजर्वेटिव की मात्रा काफी ज्यादा होती है जिससे पित्त की थैली में पथरी बनने के चांसेस बढ़ जाते हैं.
डेयरी प्रोडक्ट्स, जिनमें फैट की मात्रा काफी ज्यादा होती है उनसे भी पित्ताशय में पथरी की समस्या बढ़ती है. फुल फैट दूध, चीज, आइसक्रीम खाने से बाइल में कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ सकता है जिससे पित्ताशय में पथरी की समस्या बढ़ने लगती है.