11 October 2024
वजन कम करने के लिए लोग कई तरीके अपनाते हैं जिनमें से कुछ का शरीर पर नकारात्मक असर भी देखने को मिल सकता है. कुछ लोग वजन कम करने के लिए बेहद स्ट्रिक्ट डाइट लेते हैं जिससे शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता.
वजन घटाने के लिए आयुर्वेद में भी एक से एक तरीके बताए गए हैं. आयुर्वेद में वजन कम करने के लिए प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं जिन्हें फॉलो कर आप एक महीने यानी 30 दिनों में 5 किलो तक वजन कम कर सकते हैं-
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आयुर्वेद में कहा गया है कि इंसान को भूख लगने पर ही खाना चाहिए. अगर हम बिना भूख के भी खा रहे हैं तो पाचन क्षमता जिसे आयुर्वेद में पेट की अग्नि कहा गया है, कमजोर पड़ जाएगी. इससे वजन बढ़ सकता है.
आयुर्वेद में कहा गया है कि इंसान को अपनी भूख से थोड़ा कम खाना चाहिए. इससे हमारा पाचन तंत्र सही तरीके से काम करेगा और वजन कम होगा.
वजन कम करने के लिए रोजाना गुनगुना पानी पिएं. गुनगुना पानी हमारे मेटाबॉलिज्म को तेज करता है और शरीर से गंदगी को बाहर निकालता है. रोजाना 3 लीटर गुनगुना पानी पिएं.
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ठंडा पानी हमारे पाचन को धीमा कर देता है. दिन की शुरुआत में खाली पेट गुनगुना पानी पीने से पाचन में सुधार आता है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है.
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आयुर्वेद में टहलने और एक्सरसाइज को वजन कम करने के लिए बहुत अच्छा माना गया है. दिन की शुरुआत में मेडिटेशन करें और इसके बाद आधे घंटे तक तेज कदमों से टहलें या कोई दूसरी एक्सरसाइज करें. इससे शरीर का फैट कम करने में मदद मिलेगी.
कुछ लोगों की आदत होती है कि प्रॉपर मील लेने के बाद भी हमेशा कुछ न कुछ खाते रहते हैं. आयुर्वेद में इसे सही नहीं माना गया है. यह शरीर के प्राकृतिक पाचन लय को बिगाड़ देता है.
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इसलिए खाने के बीच स्नैक्स से बचें. शरीर को संचित किया हुआ फैट बर्न करने दें.
बहुत से लोगों को दोपहर के खाने के बाद नींद की तलब होती है. आयुर्वेद में कहा गया है कि वजन कम करने वालों को ये बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. खाने के बाद सोने से मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है जिससे वजन बढ़ सकता है.
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