31 August 2024
aajtak.in
बच्चा होना किसी के भी जीवन के सबसे खास पलों में से एक है. मां-बाप बनने की खुशी ही सबसे अलग होती है.
हालांकि, कई मामले ऐसे आते हैं माता-पिता यह कहते नजर आते हैं कि उनके बच्चे का पैर टेढ़ा है.
गाइनी शेफाली दधीच ने इसपर अपनी राय दी है. उनका कहना है कि 1000 में से एक बच्चे CTEV क्लब फूट यानी टेढ़े पैर होते हैं.
उनका कहना है कि मां-बाप को इसको लेकर ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है. दरअसल कई बार गर्भ में पानी कम होता है.
ऐसे में गर्भ में ज्यादा प्रेशर क्रिएट होने के चलते बच्चे का पैर टेढ़ा हो जाता है. इसके अलावा पैर टेढ़े होने की वजह जेनेटिक भी हो सकता है.
ऐसे में शुरू के एक से दो महीने मां जब भी अपने बच्चे को दूध पिलाएं. उस वक्त उसके पैर की मालिश करते रहे तो 80 प्रतिशत मामलों में पैर अपने आप सीधा हो जाता है.
अगर ऐसा करने के बाद भी बच्चे का पैर टेढ़ा रह गया है तो उसके पैरों पर प्लास्टर किया जाता है. 5 से 6 प्लास्टर के बाद ये पैर ठीक हो जाते हैं.
इतना करने के बाद भी अगर आपके बच्चे का पैर अभी भी टेढ़ा है तो उसकी सर्जरी करनी पड़ती है. इससे बाद पैर ठीक हो जाता है.