एक्ट्रेस श्रीदेवी के हसबैंड बोनी कपूर ने हाल ही में अपनी वाइफ की मौत के बारे में खुलासा किया है.
बोनी कपूर ने बताया था कि शादी के बाद से ही श्री देवी क्रैश डाइट फॉलो करती थीं, इस कारण वो कई बार बेहोश भी हुईं.
नमक शरीर में पानी को रोके रखता है. स्लिम दिखने के चक्कर में और पानी बॉडी में ना रुके इसलिए श्रीदेवी क्रैश डाइट लेती थीं और नमक का सेवन भी नहीं करती थीं. इसके कारण उनका ब्लड प्रेशर भी कम रहता था जिस कारण ब्लैक आउट भी होता था.
अब ऐसे में सवाल उठता है कि ये क्रैश डाइट होती क्या है, जो श्रीदेवी फॉलो करती थीं? अगर आप भी क्रैश डाइट फॉलो करते हैं तो पहले उसके बारे में जरूर जान लें.
क्रैश डाइट तेजी से वजन घटाने की डाइटिंग प्रोसेस है. इस प्रोसेस में कैलोरी इंटेक को काफी कम कर दिया जाता है. यानी कि जहां एक हेल्दी इंसान 2000 से 2500 कैलोरी लेता है, वहीं क्रैश डाइट में वह मात्र 800-1000 कैलोरी लेता है.
क्रैश डाइट कई तरह की होती है जिसमें अलग-अलग फूड प्रेफरेंस के आधार पर खाना खाया जा सकता है. जैसे मास्टर क्लीन्ज में विटामिन सी से भरपूर चीजें खाई जाती हैं और जूस क्लीन्ज डाइट में सिर्फ फलों के रस का सेवन किया जाता है.
इसी तरह क्रैश डाइट के अन्य प्रकार भी हैं जैसे चिकन सूप डाइट, हॉलीवुड डाइट, अंगूर डाइट, पत्तागोभी सूप डाइट आदि. इनसे काफी तेजी से वेट लॉस होता है.
क्रैश डाइट से जो वेट लॉस होता है उसे कोई भी मेंटेन नहीं रख सकता. जैसे ही आप इस डाइट को करना बंद करते हैं, वजन वापिस बढ़ जाता है.
क्रैश डाइट के दौरान फैट लॉस होता है जिससे लेप्टिन हार्मोन कम होता है जो आम तौर पर पेट को भरा महसूस कराता है. इसकी कमी से भूख बढ़ जाती है और आप डाइटिंग के बाद जरूरत से अधिक खा लेते हैं और वजन फिर बढ़ जाता है.
क्रैश डाइट में जब आप कैलोरी कम लेते हैं तो शरीर एनर्जी के लिए मसल्स को बर्न कर सकता है जिससे मसल्स कमजोर हो जाते हैं.
मसल्स के कारण मेटाबॉलिज्म अच्छा रहता है. अगर शरीर में मसल्स लॉस होगा तो मेटाबॉलिज्म भी धीमा हो जाएगा जो डाइट करना छोड़ने के बाद वेट गेन का कारण बन जाएगा.
कई बार क्रैश डाइट के कारण पोषक तत्व, विटामिन और मिनरल्स की कमी हो जाती है. अगर शरीर में जरूरी विटामिन-मिनरल्स की कमी हो जाए तो थकान-कमजोरी बनी रहती है.
एक्सपर्ट का कहना है कि 19 साल से कम उम्र के बच्चों को कभी क्रैश डाइट नहीं करनी चाहिए. ऐसा करने से शरीर पर काफी नेगेटिव असर पड़ सकता है.
क्रैश डाइट में आपके शरीर का वॉटर वेट सबसे अधिक कम होता है. उसके बाद मसल्स लॉस होता है. जो कि काफी नुकसानदायक है. इसलिए एक्सपर्ट कभी भी क्रैश डाइट की सलाह नहीं देते.
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ साइंस का कहना है कि क्रैश डाइट को फॉलो बिल्कुल नहीं करना चाहिए लेकिन फिर भी अगर किसी को अर्जेंट वेट लॉस करना है तो 48 घंटे से अधिक इसे फॉलो ना करें.