हमेशा जवान कौन नहीं रहना चाहता लेकिन समय और बुढ़ापे को रोका नहीं जा सकता. ये कुछ ऐसा है जिसे देर-सबेर नहीं बल्कि तय वक्त पर आना ही है.
हालांकि लंबे समय तक जवान रहने और दिखने के लिए दुनियाभर में तमाम रिसर्च चल रही हैं और अब तक जितने भी शोध हुए हैं, उनमें एजिंग को धीमा करने और हेल्दी लाइफ जीने के लिए लाइफस्टाइल और एक्सरसाइज पर जोर दिया गया है.
अमेरिका की Francision health संस्था के अनुसार, एक नई रिसर्च में सामने आया है कि एरोबिक एक्सरसाइज आपकी बायोलॉजिकल एज को धीमा कर सकती है, यानी आप अपनी उम्र से अधिक जवान दिख सकते हैं.
अमेरिका के यूटा में स्थित ब्रिघम यंग यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग हफ्ते में 5 दिन 30 से 40 मिनट तक हाई इंटेसिटी से दौड़ते या वर्कआउट करते हैं वो उन लोगों की तुलना में अधिक यंग रहते हैं जो कम फिजिकल एक्टिविटी या मीडियम स्पीड से वर्कआउट करते हैं.
इस रिसर्च के लिए वैज्ञानिकों ने क्रोमोसोम्स के एक हिस्से का एनालिसिस किया था जिसे टेलोमेयर्स या गुणसूत्रों का अंतिम सिरा कहा जाता है.
ये टेलोमेयर्स आपकी कोशिकाओं के विभाजित होने और आपकी उम्र बढ़ने के साथ छोटे होते जाते हैं. शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में पाया कि जो लोग हाई इंटेसिटी एक्सरसाइज करते थे उनके टेलोमेयर्स लंबे थे.
यानी ऐसे लोग अधिक एक्टिव ना रहने वाले लोगों की तुलना में नौ साल छोटे थे, कहने का मतलब है कि उनका शरीर अपनी ही उम्र के लोगों से 9 साल अधिक जवान था.
हाई इंटेसिटी वर्कआउट का मतलब है कि आपका पसीना बहे और आपको उस दौरान बोलने में कठिनाई हो, वही सही एक्सरसाइज है.
अगर आप दौड़ नहीं सकते तो कोई बात नहीं. इसकी जगह आप बाकी एरोबिक व्यायाम जैसे तैराकी, साइकिल चलाना, सीढ़ी चढ़ना, किकबॉक्सिंग और स्टेप एरोबिक्स कर सकते हैं.
फ्रांसिस्कन फिजिशियन नेटवर्क के हृदय रोग विशेषज्ञ विलियम एस्पर ने कहा, 'यहां तक कि हफ्ते में कम से कम तीन बार लाइट एरोबिक एक्सरसाइज भी स्ट्रोक, दिल के दौरे, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज को रोकने में मदद कर सकती हैं.
उन्होंने बताया कि इस तरह की गतिविधि हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने में भी मदद करती हैं.
इसके अलावा इससे वजन कम करने में मदद मिलती है. आपकी इम्युनिटी तेज होती है, हृदय रोग का रिस्क घटता है, आपका मूड अच्छा रहता है और आपकी एजिंग भी स्लो होती है.