मंगलवार को भी दाड़ी-बाल कटवा लेते हैं कथावाचक पंडित रसराज महाराज? खुद बताया कारण

3 Apr 2025

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पंडित रसराज महाराज भारत में आध्यात्मिकता और धार्मिक संगीत की दुनिया में एक प्रतिष्ठित व्यक्तित्व हैं.

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पंडित रसराज महाराज हिंदू धर्मग्रंथों के अपने गहन और मधुर पाठ तथा धार्मिक गीतों और छंदों में विशेषज्ञता के लिए लोकप्रिय हैं.

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पंडित रसराज अक्सर कई पॉडकास्ट में भी जाते हैं. हाल ही में उन्होंने अपने एक पॉडकास्ट में बताया कि हनुमान भक्क होते हुए भी वह मंगलवार को भी बाल और दाढ़ी कटवा लेते हैं.

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पंडित रसराज ने कहा, 'मैं मंगलवार को भी करवा लेता हूं ये बाल-दाढ़ी. मैं कभी नहीं देखता आज मंगल है कि शनिवार है.' 

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'हम तो प्रसन्न हो जाते हैं मंगलवार को. सभी सलून वाले खाली बैठे होते हैं, जाते ही नंबर आता है, धड़ाक से प्रसन्न हो जाता हूं.'

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'प्रैक्टिकल रहो जीवन में. श्रद्धा हो, अंधश्रद्धा ना हो. अंधविश्वास नहीं होना चाहिए. विश्वास हो लेकिन अंधविश्वास ना हो.' 

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'भक्ति के प्रति भगवान से डरो लेकिन ये नहीं की आप ये नहीं करेंगे तो भगवान ऐसा कर देंगे, वैसा कर देंगे.' 

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'भगवान कभी किसी के 'जन अवगुण प्रभुमान नकाऊ. दीन बंद अति मृदुल स्वभाव' यानी भगवान का तो बड़ा मृदुल स्वभाव है. वो तो कहते हैं. तू कर यार. तू कर तो.'

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'राम भज तू. तू काला कपड़ा पहन के भज. तू भज तो. अब देखो जैनियों के संत तो बिना वस्त्रों के घूम रहे हैं. क्या उनसे भगवान प्रसन्न नहीं है. बिल्कुल हैं. वो तो नग्न ही घूमते सड़क पर दौड़ते हैं दुनिया देखती है.'

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'हम वस्त्र पहने हैं. कोई गंजा है, कोई त्रिपुंड धारी है. कैसे भी भजो. इतनी छूट हमारे तुलसीदास जी देकर गए हैं.'

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