बुरे वक्त में एक बात हमेशा याद रखेंगे तो सारे दुख हो जाएंगे दूर, प्रेमानंद महाराज ने बताया

वृंदावन में वास कर रहे धर्मगुरु प्रेमानंद महाराज के सामने लोग अपने दुख-दर्द और समस्याओं के समाधान के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचते हैं.

उनके अनुयायियों में बच्चों से लेकर बुजुर्ग और महिलाएं भी शामिल हैं. प्रेमानंद महाराज भी लोगों की बातों को सुनकर उनकी समस्याओं को हल करने की कोशिश करते हैं.

प्रेमानंद महाराज ने एक प्रवचन के दौरान कहा था कि हर मनुष्य के जीवन में दुख और सुख आते हैं लेकिन जब बुरा वक्त आए तो एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए. 

वो कहते हैं, 'जब चारों ओर अंधेरा हो. कोई अपना ना दिख रहा हो तो आप पाओगे कि आपके साथ ईश्वर है. ऐसी स्थिति में आपको ईश्वर पर भरोसा रखना चाहिए, साथ ही खुद पर भी काबू रखना चाहिए.' 

उन्होंने कहा, 'आपको कोई भी सुखी नहीं कर सकता. अगर आपको कोई सुखी कर सकता है तो वो ईश्वर, उनका नाम और आप हैं. आपको प्रार्थना करनी है और भटकने से बचना है.' 

प्रेमानंद महाराज ने कहा, श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा था कि दुख, सुख, निंदा, प्रशंसा, प्रेम, मोह, दर्द जैसी ये सभी भावनाओं के जाल में नहीं पड़ना चाहिए. इन पर काबू पाने की कोशिश करनी चाहिए, इन चीजों को सहकर उनसे उठकर आप सच्चे सुख और शांति को पा सकते हैं. 

उन्होंने कहा, 'अगर आप विचार-विवेक से भगवान नाम जपते हैं तो आपको आने वाले जीवन में दुख और सुख परास्त नहीं कर पाएंगे.' 

उन्होंने कहा कि आगे आपको ऐसा सुख मिलेगा जो दुख और सुख से परे होगा. वो आपके कर्मों के जरिए होगा. दुख और सुख एक भ्रम जाल है. हम भगवान के अंश हैं. इसलिए हमेशा हर स्थिति में सकारात्मक और मजबूत बनें रहें.

उन्होंने कहा, 'आपको उपदेश और रास्ता दिखाया जा सकता है लेकिन चलना आपको होगा. मैं कहीं जाऊंगा और वहां जाकर मेरे दुख दूर हो जाएं तो इस भ्रम को छोड़ देना. बड़े से बड़े पुरुषों को भी दुख झेलना पड़ा है.'