भारत में आमतौर पर यह कहा जाता कि गर्भावस्था में महिलाओं को खूब खाना-पीना चाहिए ताकि उनका अच्छे से वजन बढ़े.
लेकिन जब भी आपका वजन सामान्य से ज्यादा बढ़ता है तो शरीर में बीमारियों का रिस्क भी बढ़ने लगता है.
डॉक्टरों का कहना है कि प्रेग्नेंसी में महिलाओं को अपने वजन का खास ख्याल रखना चाहिए और फिजिकल एक्टिविटी करते रहना चाहिए.
अमेरिका के मेडिकल सेंटर मायो क्लीनिक के अनुसार, गर्भावस्था में वजन बढ़ने के लिए ऐसा कोई एक फॉर्मूला नहीं है जो सभी के लिए सही हो.
गर्भावस्था के दौरान ठीक से वेट गेन होना कई फैक्टर्स पर निर्भर करता है, जिसमें आपका गर्भावस्था से पहले का वजन और बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) शामिल है. आपका स्वास्थ्य और आपके बच्चे का स्वास्थ्य भी इसमें रोल प्ले करता है.
कुछ समय पहले दिल्ली के ली मेरेडियन होटेल में हुए एजेंडा आजतक 2024 में देश के जाने-माने हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर नरेश त्रेहान और लिवर स्पेशलिस्ट डॉक्टर एस. के. सरीन शामिल हुए थे.
इस दौरान डॉक्टर सरीन ने जब पूछा गया कि क्या महिलाओं के लिए वेट लिफ्टिंग करना ठीक नहीं है?
इस पर डॉक्टर सरीन ने कहा, 'महिलाएं ज्यादा बड़ी फाइटर होती हैं. वो हर चीज में आगे हैं तो बॉडी बिल्डिंग में क्यों नहीं.'
सरीन के अनुसार, प्रेग्नेंसी में उन्हें सलाह दी जाती है कि थोड़ा अपने लिए खाओ, थोड़ा बच्चे के लिए. हिलो-डुलो नहीं ज्यादा. ये मिथक है. उस समय ज्यादा वेट गेन नहीं होना चाहिए.
वो कहते हैं, 'प्रेग्नेंसी में अगर आपके शुगर का लेवल बढ़ गया तो जेस्टेशनल डायबिटीज हो जाती है जो 10 साल में रियल डायबिटीज में बदल जाती है.'
इसलिए प्रेग्नेंसी के दौरान अपने वजन और शुगर लेवल का खास ध्यान रखना चाहिए. वजन घटाने और बढ़ाने के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह ही माननी चाहिए.
मायो क्लीनिक के अनुसार, अंडरवेट (बीएमआई 18.5 से कम) महिलाओं का लगभग 13 से 18 किलो, हेल्दी वेट में (बीएमआई 18.5 से 24.9) 11 से 16 किग्रा, ज्यादा वजन (बीएमआई 25 से 29.9) पर 7 से 11 किलो और मोटापे (बीएमआई 30 या अधिक) से ग्रसित होने पर लगभग 5 से 9 किलो से ज्यादा वजन नहीं बढ़ना चाहिए.
मायो क्लीनिक के अनुसार, अंडरवेट (बीएमआई 18.5 से कम) महिलाओं का लगभग 13 से 18 किलो, हेल्दी वेट में (बीएमआई 18.5 से 24.9) 11 से 16 किग्रा, ज्यादा वजन (बीएमआई 25 से 29.9) पर 7 से 11 किलो.
और मोटापे (बीएमआई 30 या अधिक) से ग्रसित होने पर लगभग 5 से 9 किलो से ज्यादा वजन नहीं बढ़ना चाहिए. इसके अलावा प्रेग्नेंसी में कभी भी अपने मन या बिना डॉक्टरी की सलाह पर वजन बढ़ाना या घटाना नहीं चाहिए.