3 Feb 2025
Credit: Instagram
जो कोई भी व्यक्ति अलग-अलग वजन घटाने वाली डाइट्स आजमा चुका है, वह शायद उनके साइड इफेक्ट से भी भली-भांति परिचित होगा.
Credit: Instagram
कम कैलोरी वाली डाइट अक्सर आपको थका हुआ, भूखा और चिड़चिड़ा बना देते हैं. लो कार्ब या "कीटो" डाइट से क्रेविंग और कब्ज हो सकता है.
Credit: Instagram
इसके लिए अलग-अलग तरह की फास्टिंग अपनाते हैं ताकि कम खा सकें और उनका वजन कम हो सकते.
Credit: Instagram
ऐसे में इंटरमिटेंट फास्टिंग लोगों में वजन कम करने का सबसे फेमस तरीका है. उसमें 16 घंटे तक आपको कुछ नहीं खाना होता और सिर्फ 8 घंटे में खाना होता है.
Credit: Instagram
भूखा रहने का मतलब खाना-पीना छोड़ देना नहीं होता कि आप पूरी तरह खाना पीना ही छोड़ दें. भूखे रहना यानी फास्टिंग. इंटरमिटेंट फास्टिंग भी इसी नियम पर फैट बर्न करती है
Credit: Instagram
अब ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि इन 16 घंटे भूखे रहने की अवधि को क्या कम किया जा सकता है? ऐसे में अब हम आपको बताते हैं कि कम से कम कितने घंटे भूखे रहने पर फैट बर्न होने लगता है.
Credit: Instagram
हावर्ड हेल्थ पब्लिकेशंस का कहना है कि समय-समय पर उपवास करने से फैट बर्न होने की प्रोसेस शुरू होती है. ऐसे में आपको लो कार्बोहाइड्रेट या कीटो डाइट लेनी होती है.
Credit: Instagram
इन डाइट के दौरान आपकी बॉडी 12 घंटे भूखे रहने के बाद कीटोसिस में चली जाती है यानी कि शरीर में कीटोन्स बन जाते हैं जो शरीर की चर्बी को गलाकर एनर्जी लेने लगती है.
Credit: Instagram
मेडिकल न्यूज टुडे के मुताबिक, 12 से 14 घंटे तक की फास्टिंग करने से शरीर अपने फैट को एनर्जी में बदल सकता है जिससे ब्लडस्ट्रीम में कीटोन्स निकलते हैं और वजन कम होता है.
Credit: Instagram
कुछ विशेषज्ञ महिलाओं को 14 घंटे उपवास करने और धीरे-धीरे 16 घंटे तक उपवास करने की सलाह देते हैं. जबकि पुरुष सीधे 16 घंटे उपवास शुरू कर सकते हैं. इससे उनका फैट बर्न हो सकता है.
Credit: Instagram