दिल्ली के द्वारका की रहने वाली इंटीरियर डिजाइनर तारा सैनी को 22 साल की उम्र में बाएं घुटने में चोट लग गई थी.
घुटने में चोट लगने के बाद काम और एक्सरसाइज करने में उन्हें दिक्कत होती थी. इस दौरान उनका वजन भी बढ़कर 80 किलो के पार चला गया.
बढ़ते मोटापे के चलते वह जल्दी थक जाती थीं.अपने घर की सीढ़ियां चढ़ने भी उन्हें काफी परेशानी होती थी.
इस दौरान उनके घुटने में असहनीय दर्द होता था. जांच में पता चला कि बाएं घुटने का लिगामेंट फट गया है. डॉक्टर ने सर्जरी की सलाह दे दी.
तारा ने सर्जरी कराने से मन कर दिया. हालात खराब तब होने लगी जब लॉकडाउन में वह 89 किलो की हो गईं.
इस दौरान तारा की सास ने उन्हें वेलनेस कोच की मदद लेने की सलाह दी. कोच के कहने पर तारा ने हल्के कार्डियो, वेट ट्रेनिंग और पास के पार्क में नियमित सैर से भी शुरुआत की.
पहले दिन 100 मीटर से शुरुआत करते हुए महीने भर बाद वह रोजाना 6-7 किमी तक पैदल चलने लगीं.
वजन कम करने की मेहनत बेकार ना जाए इसके लिए उन्होंने डाइट में ग्रीन टी और प्रोटीन शेक को शामिल किया.
हेल्दी एंड हाई प्रोटीन डाइट ली और बार-बार खाने की क्रेविंग को कंट्रोल किया. हेल्दी इटिंग और लाइफस्टाइल को अपनाया.
तारा शाम 7 बजे के बाद खाना नहीं खाती थीं. वहीं, ज्यादा कैलोरी बर्न करने के लिए सुबह खाली पेट एक्सरसाइज करती थीं.
तारा के मुताबिक ब्रेकफास्ट में वह कुछ ड्राई फ्रूट्स, प्रोटीन शेक, ग्रीन टी, लंच में फ्रेश जूस, अंकुरित अनाज या सब्जियों के साथ 1-2 रोटी और डिनर में ग्रीन सलाद और प्रोटीन शेक लेती थीं.
ऐसा करते हुए तारा ने बिना किसी क्रैश डाइट या हैवी एक्सरसाइज के 5 महीनों में लगभग 24 किलोग्राम वजन कम 65 किलो की हो गईं.
तारा अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहती हैं कि पहले मेरे कपड़े का साइज XXXLथा अब मुझे M साइज के कपड़े आने लगे.
तारा अगे कहती हैं कि उन्हें मोटापे से शिकार लोगों का दुख पता हैं. यही वजह है कि उन्होंने ऐसे लोगों का हेल्प करने की ठानी हैं इसके अलावा अगर किसी का वजन बेहद कम है उसे भी गेन करने में मदद करती हैं.