20 August 2024
Credit: Reuters
सऊदी अरब के खालिद बिन मोहसेन शारी का वजन 610 किलो से घटकर अब 63.5 किलो हो गया है. खालिद ने सऊदी अरब के पूर्व किंग अब्दुल्ला की मदद के बाद इतना अधिक वजन कम किया था.
दरअसल, 2013 में तीन साल से बिस्तर पर रहने के बाद जब खालिद चर्चा में आए थे तो उन पर राजा अब्दुल्ला की नजर गई थी. इसके बाद उन्होंने खालिद की जान बचाने के लिए फ्री इलाज की व्यवस्था की थी.
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दुनिया की हिस्ट्री में दूसरे सबसे भारी व्यक्ति खालिद अपनी जरूरतों के लिए पूरी तरह से दोस्तों और परिवार पर निर्भर थे. खालिद की स्थिति को देखकर राजा अब्दुल्ला ने उनके मामले को देखने के लिए 30 मेडिकल प्रोफेशन्स की टीम बनाई थी.
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फोर्कलिफ्ट और एक स्पेशल डिजाइन किए हुए बिस्तर से खालिज को उनके घर से सऊदी अरब की राजधानी रियाद में किंग फहद मेडिकल सिटी में इलाज के लिए लाया गया था.
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वजन कम करने में खालिद की गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी, डाइट, एक्सरसाइज और शरीर की एक्स्ट्रा स्किन का वजन शामिल था. शुरुआती 6 महीने में खालिद ने अपने कुल वजन का लगभग आधा कम कर लिया था. इसमें उनको फिजियोथैरेपी भी दी जाती थी.
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2023 तक खालिद का वजन 63.5 किलो तक हो गया था जिसके लिए कई बार उनकी सर्जरी से एक्स्ट्रा स्किन भी हटाई गई.
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बैरिएट्रिक सर्जरी का मतलब वजन कम करने के एक ऑपरेशन से है. इस सर्जरी में पेट, छोटी आंत और डाइजेस्टिव सिस्टम मॉडिफाई हो जाता है. पेट का साइज कम करने के साथ और भोजन का सेवन कम करने के लिए आंत के एक हिस्से को भी बायपास कर दिया जाता है.
यदि वजन घटाने के दूसरे सभी तरीके फेल हो जाते हैं और यदि मोटापा सर्जरी की तुलना में आपके स्वास्थ्य के लिए अधिक जोखिम पैदा करता है, तो डॉक्टर्स बैरिएट्रिक सर्जरी की सलाह दे सकते हैं.
जिन लोगों का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) 35 से 40 या उससे अधिक होता है, वे लोग इस सर्जरी को करा सकते हैं क्योंकि उनमें हाई बीपी, दिल की बीमारी, स्ट्रोक, डायबिटीज का जोखिम अधिक होता है
इन सर्जरीज से मोटापे से संबंधित कई मेटाबॉलिक डिसीज का इलाज और रोकथाम करने में मदद मिलती है जिसमें डायबिटीज, फैटी लिवर भी शामिल हैं.
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के अनुसार, क्लास III मोटापे (चलने-फिरने में भी असमर्थ) से पीड़ित लोगों के लिए केवल डाइट और एक्सरसाइज के माध्यम से वजन कम करना लगभग असंभव है, इसलिए यह सर्जरी की जाती है.