26 Dec 2024
By Aajtak.in
Photo: AI
ये कहानी साल 2004 की है. सुनामी की तबाही के बीच एक महिला अंडमान-निकोबार के जंगलों में फंस गई थी.
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सांपों से भरे खौफनाक माहौल में नमिता रॉय ने बेटे को जन्म दिया था. उस विनाशकारी घटना को अब 20 साल हो चुके हैं.
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यह घटना अंडमान और निकोबार के हट बे आईलैंड की है, जब एक भयंकर भूकंप और समुद्री लहरों ने उनका घर तबाह कर दिया था.
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नमिता ने बताया कि उस दिन अचानक समुद्र का पानी वापस खिंच रहा था और पक्षियों का अजीब व्यवहार दिखा था.
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जब समुद्र की लहरें आईं तो लोग भागते हुए पहाड़ी की ओर दौड़े. नमिता बेहोश हो गईं. जब होश आया तो सैकड़ों अन्य लोगों के साथ वे पहाड़ी जंगल में थीं.
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सांपों से भरे जंगल में नमिता को प्रसव पीड़ा हुई. उन्होंने एक चट्टान पर बच्चे को जन्म दिया. उनके पति ने मदद के लिए जंगल में अन्य महिलाओं से मदद मांगी.
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जंगल में खाने के लिए कुछ नहीं था. नमिता की स्थिति खून की अत्यधिक कमी के कारण खराब हो रही थी. उन्होंने किसी नवजात शिशु को दूध पिलाया, वह प्री-मैच्योर था.
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जंगल में नारियल पानी पीकर जीवित रहे. इसके बाद हेल्प टीम ने उन्हें और अन्य को लल तिकरी हिल्स से निकाल लिया. अब नमिता का बेटा 20 साल का हो चुका है. उसका नाम सुनामी रखा है.
आज नमिता पश्चिम बंगाल के हुगली में अपने दो बेटों सौरभ और सुनामी के साथ रहती हैं. जंगल में जन्मा सुनामी समुद्र विज्ञानी बनना चाहता है. उसने अपनी मां की मेहनत और संघर्ष को देखा है.