गुजरात में कार की समाधि के पीछे क्या है कहानी? जानिए पूरा सच

8 Nov 2024

रिपोर्टः फारुक कादरी

गुजरात के अमरेली में अनोखी घटना सामने आई है. यहां पदरसिंगा गांव के किसान ने अपनी पुरानी कार को जमीन में समाधि देकर एक स्मारक बनवाया.

दरअसल, यह कार गुजरात के अमरेली जिले के किसान संजय पोलारा ने साल 2013-14 में खरीदी थी. 

किसान संजय का कहना है कि इस कार को लेने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई.

किसान संजय पोलारा ने बताया कि यह कार उनकी सफलता का प्रतीक थी और इसके कारण उनकी जिंदगी में समृद्धि आई, इसलिए इसे बेचने की बजाय उन्होंने समाधि देने का फैसला किया.

इसी को लेकर तैयारी की गई और कार को फूलमालाओं से सजाया गया. गांव के लोग ढोल-नगाड़ों के साथ इस आयोजन में शामिल हुए.

साधु-संतों की मौजूदगी में कार की समाधि के लिए बड़ा सा गड्ढा खुदवाया गया और फिर धूमधाम से अनुष्ठान किया गया.

इसके बाद बुलडोजर से कार को गड्ढे में दफना दिया गया और वहां पर स्मारक बनवाया.

इस अनोखे आयोजन के लिए रिश्तेदारों और मित्रों को विशेष निमंत्रण पत्र भेजा गया था.

कार को संग्रहालय में रखने या बेचने की बजाय एक खास स्मृति चिह्न के रूप में समाधि दी. इस अनोखे आयोजन में शामिल होने सूरत, अहमदाबाद और आसपास के अन्य शहरों से लोग पहुंचे थे.