3 JAN 2025
aajtak.in
हिंदू धर्म में ब्रह्म मुहूर्त का समय बेहद शुभ माना जाता है. ब्रह्म मुहूर्त का अर्थ होता है भगवान का समय. ब्रह्म मुहूर्त को अक्षय मुहूर्त के नाम से भी जाना जाता है.
हमारे शास्त्रों के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त में उठते ही देवी देवताओं या अपने ईष्टदेवता को याद करना चाहिए.
ज्योतिषियों की मानें तो ब्रह्ममुहूर्त में उठते ही हथेली को देखते हुए कुछ मंत्रों का उच्चारण करना चाहिए. ऐसा करने से जीवन में सुख समृद्धि का वास होता है.
तो आइए जानते हैं कि ब्रह्ममुहूर्त में उठते ही कौन से मंत्रों का उच्चारण करना चाहिए.
कराग्रे वसते लक्ष्मी:, कर मध्ये सरस्वती। करमूले तू गोविंदा, प्रभाते कर दर्शमन।। अपनी हथेलियों को जोड़ते हुए इस मंत्र का जाप करें.
ऊं भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्- इस मंत्र को पढ़ने बुद्धि और ज्ञान का मार्ग प्रशस्त होता है और लाभ होता दिखने लगता है.
ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्- इस मंत्र के उच्चारण से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं.
ऊं महालक्ष्मी नम:- इस मंत्र के उच्चारण से माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. खर्चे पूरे होते हैं और रुकी हुई लक्ष्मी भी प्राप्त होती है.
इसके अलावा ऊं का जाप मानसिक शक्ति प्रदान करता है और पूरा दिन सकारात्मक बीतता है.