आने वाली है चैत्र नवरात्र की अष्टमी तिथि, इस अशुभ योग में न करें कन्या पूजन

4 april 2025

aajtak.in

चैत्र नवरात्र 30 मार्च से शुरू हुई थी और इनका समापन 6 अप्रैल, रामनवमी के दिन होगा.

नवरात्र के दो सबसे खास दिन होते हैं महाअष्टमी और महानवमी. इन दोनों दिनों में नवरात्र का पारण किया जाता है.

इस बार नवरात्र की महाअष्टमी 5 मार्च को मनाई जाएगी. इस दिन कन्या पूजन करके व्रत का पारण किया जाता है.

महाअष्टमी के दिन माता महागौरी का पूजन किया जाता है. देवी महागौरी की पूजा अर्चना से जीवन में आ रही कई परेशानियों को दूर किया जा सकता है. महाष्टमी को दुर्गा पूजा का मुख्य दिन माना जाता है. 

महाअष्टमी के दिन इस बार सर्वार्थ सिद्धि योग और सुकर्मा योग का संयोग बन रहा है. साथ ही, इस दिन भद्रा भी लगने जा रहा है. 

दरअसल, महाअष्टमी पर इस दिन भद्रा सुबह 6:07 मिनट से लकर सुबह 7:44 मिनट तक रहेगा. और राहुकाल सुबह 9:15 मिनट से लेकर सुबह 10:50 मिनट तक रहेगा. इस बीच भूलकर भी कन्या पूजन न करें.

कोशिश करें कि कन्या पूजन या तो भद्रा शुरू होने से पहले करें या भद्रा समाप्त होने के बाद किया जाए.

इस दिन कन्या पूजन का मुहूर्त सुबह 11:59 से लेकर दोपहर 12:49 मिनट तक है.

अष्टमी कन्या पूजन मुहूर्त

कन्या पूजन अष्टमी और नवमी दोनों दिन किया जा सकता है. इस दिन सुबह उठ कर घर को साफ सुथरा कर लें, इसके बाद स्नान करके पवित्रता के साथ प्रसाद तैयार करें.

कन्या पूजन विधि

इस दिन कन्याओं को सुबह भोजन के लिए आमंत्रित करें और उन्हें आदर-सत्कार के साथ बैठाएं. ध्यान रहे कन्याओं की उम्र दो साल से लेकर दस साल के बीच होनी चाहिए.