1 Apr 2025
By- Aajtak.in
आचार्य चाणक्य ने ऐसे आदमी का वर्णन नीति शास्त्र में किया है जो दुनिया में स्वर्ग जैसा सुख भोगकर जाता है.
इस संबंध में चाणक्य ने कहा है कि, धरती पर जन्म लेने वाला हर आदमी मृत्यु के पश्चात नर्क नहीं बल्कि स्वर्ग में जाना चाहता है.
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि अगर कुछ चीजें अगर ठीक हैं तो समझ लीजिए धरती पर ही आपको स्वर्ग मिल गया है.
आचार्य चाणक्य के अनुसार, जिसका पुत्र बातें मानता हो, पत्नी भी मन अनुसार ही काम करती हो, उसके लिए धरती स्वर्ग है.
वहीं चाणक्य ने कहा है कि आय और धन-संपत्ति से जो भी आदमी पूरी तरह संतुष्ट है, उसके लिए भी पृथ्वी पर स्वर्ग है.
आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जीवन में हर एक व्यक्ति सुखी रहना चाहता है, यही सुखी रहना ही तो स्वर्ग है.
आचार्य चाणक्य के अनुसार, स्वर्ग में भी सभी प्रकार के सुखों को उपभोग करने की कल्पना की गई है.
चाणक्य के अनुसार, जिस आदमी के पास ऊपर वर्णित तीनों सुख हैं, उसके लिए किसी और स्वर्ग की कल्पना व्यर्थ है.
धरती पर दुखी होने पर लोग स्वर्ग जाना चाहते हैं लेकिन सारे सुख धरती पर हों तो दूसरे स्वर्ग की कल्पना ही क्यों करनी है.