8 nov 2024
aajtak.in
भगवान सूर्य और छठी मैया को समर्पित छठ के पर्व का चौथा और आखिरी दिन ऊषा अर्घ्य के रूप में मनाया जाता है.
छठ पूजा के चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है.
यह पूजा भगवान सूर्य और उनकी पत्नी ऊषा को समर्पित होती है.
इस दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद छठ के व्रत का पारण किया जाता है. साथ ही यह व्रत संतान की रक्षा और परिवार की सुख शांति के लिए रखा जाता है.
आज ऊषा अर्घ्य का समय सुबह 6 बजकर 38 मिनट पर था.
वहीं, देशभर में आज सुबह से ही उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है.
इस अवसर पर सैकड़ों घाटों पर लाखों श्रद्धालु एकत्रित हुए और भोर में उगते हुए सूरज को अर्घ्य दिया.
तस्वीरों में दिख रहा है कि श्रद्धालु सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए पूरे झोरों शोरों से तैयारी में जुटे हैं.
इस पर्व में आध्यात्मिक शुद्धता और पवित्र मन के लिए उगते सूर्य देव की पूजा की जाती है.
वहीं, पटना के दीघा घाट से गंगा में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देते दिखें श्रद्धालु
लोग सूर्य को अर्घ्य देने के साथ साथ इस पर्व के समापन का आनंद उठा रहे हैं.
साथ ही, महिलाएं तस्वीरें भी खिंचवा रही हैं.