1 nov 2024
aajtak.in
इस बार गोवर्धन की पूजा 2 नवंबर यानी कल है. हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा की जाती है.
गोवर्धन पूजा को अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है. जो दिवाली के अगले दिन मनाया जाता है.
इस पूजा का उद्देश्य भगवान कृष्ण के प्रति श्रद्धा और आभार प्रकट करना होता है, जिन्होंने गोवर्धन पर्वत को उठाकर गोकुलवासियों की रक्षा की थी.
ज्योतिषियों की मानें तो, गोवर्धन पूजा करते समय कुछ गलतियों से सावधान रहना चाहिए.
गोवर्धन पूजा और अन्नकूट का आयोजन बंद कमरे में न करें. साथ ही, इस दिन गायों की पूजा करते हुए इष्ट देव या भगवान कृष्ण की पूजा करना ना भूलें.
गोवर्धन पूजा के दिन गंदे और मैले वस्त्र पहनकर परिक्रमा ना करें. बल्कि, गोवर्धन परिक्रमा में पहने गए कपड़े साफ और शुद्ध होने चाहिए.
पूजन में सम्मिलित लोग काले रंग के कपड़े ना पहनें. बल्कि, हल्के पीले या नारंगी रंग के वस्त्र पहनें तो उत्तम रहेगा.
गोवर्धन पूजा में परिक्रमा करने का बहुत ही खास महत्व है. गोवर्धन की परिक्रमा नंगे पैर की करें. जूते-चप्पल पहनकर परिक्रमा करने की गलती न करें.
गोवर्धन पूजा वाले दिन किसी को अपशब्द न बोलें. साथ ही, तामसिक भोजन का भी सेवन न करें.