'मैं सबके साथ अच्छा करती हूं लेकिन मेरे साथ...' प्रेमानंद महाराज ने लड़की को दी ये सीख

21 FEB 2025

aajtak.in

अक्सर दूसरों की मददे करने से व्यक्ति के अंदर एक अपनेमन की भावना आने लगती है जिससे व्यक्ति ये सोचता है कि सामने वाला भी बदले में हमारी मदद करेगा.

ऐसा ही एक प्रेमानंद महाराज का  वीडियो सामने आ रहा है जिसमें एक लड़की महाराज के पास अपनी ऐसी ही दुविधा बता रही है.

लड़की ने प्रेमानंद महाराज के सामने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि, 'मैं सबके लिए अच्छा सोचती हूं लेकिन बदले में लोग मेरे साथ अच्छा नहीं करते हैं ऐसे में मन अशांत हो जाता है.'

इस पर प्रेमानंद महाराज उत्तर देते हुए कहते हैं कि, 'आपको परोपकार करते समय ये सोचना है कि भगवान ने जो हमें ज्ञान दिया वहीं हम दूसरों को भी दे रहे हैं.'

'भगवान ने जो हमें वस्तु दी उससे हम दूसरों की मदद कर रहे हैं और ये सभी चीजें भगवान के द्वारा दी गई चीजें हैं. तो बदले में हमें मदद करते समय थैंक यू नहीं लेना है क्योंकि ये परोपकार नहीं कहलाता है बल्कि ये स्वार्थ कहलाता है.'

'सामने वाला अगर बदले में हमारे साथ बुरा बर्ताव कर रहा है तो वह हमारी कर्म की पवित्रता के लिए है. यानी हमारा कोई पूर्व कर्म है जो अपवित्र है जिसके कारण भगवान उस व्यक्ति से कटुचेष्टा करा रहे हैं.'

'इसलिए हमें बुरा नहीं मानना चाहिए. बस अपने इष्ट देवता पर भरोसा रखकर आगे बढ़ते रहना चाहिए. क्योंकि भगवान किसी का अमंगल नहीं करता है.'

'यदि कोई हमारी अवहेलना कर रहा है या हमारा कोई तिरस्कार रहा है तो इसका मतलब इससे हमारे पापों की सफाई हो रही है.'

आगे प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि, ' कुछ नकारात्मक मत सोचिए बस नामजप कीजिए.'