7 FEB 2025
aajtak.in
कल जया एकादशी है. जया एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की उपासना की जाती है. जया एकादशी को भूमि एकादशी और भीष्म एकादशी के नाम से जाना जाता है.
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को जया एकादशी का व्रत रखा जाता है.
ऐसी मान्यता है कि जया एकादशी के दिन श्रीहरि का स्मरण करने से और उनके नाम का व्रत करने से पापों से मुक्ति मिल जाती है. ज्योतिषियों की मानें तो, जया एकादशी के दिन कुछ गलतियां करने से सावधान रहना चाहिए.
जया एकादशी के दिन चावल या चावल से बनी कोई डिश नहीं बनाना चाहिए, ऐसा करने से श्रीहरि नाराज हो जाते हैं.
इसके अलावा, जया एकादशी के दिन लहसुन-प्याज और तामसिक भोजन से दूरी बनाकर रखनी चाहिए.
इस दिन काले रंग के वस्त्र धारण नहीं करने चाहिए. बल्कि इस दिन पीला या लाल रंग जरूर पहनना चाहिए.
एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. यदि पत्ते आवश्यक हैं तो आप एक दिन पहले ही पत्तों को तोड़ कर रख सकते हैं.
एकादशी के दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
जया एकादशी के दिन किसी से लड़ाई-झगड़ा न करें, किसी का बुरा न सोचें, किसी का अहित न करें और न ही क्रोध करें.