7 Jan 2025
AajTak.In
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प्रयागराज में 10 जनवरी से महाकुंभ मेला शुरू हो रहा है. इसका समापन 26 फरवरी को महाशिवरात्रि पर होगा. महाकुंभ 12 साल के अंतराल में लगता है.
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महाकुंभ मेले में नागा साधुओं की रहस्यमयी दुनिया की कई अनोखी तस्वीरें सामने आती हैं, जिस पर बहुत से सवाल भी खड़े होते हैं.
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भस्म में लिपटे, पूरी तरह नग्न, ऊर्जावान नागा साधु यहां आकर्षण का मुख्य केंद्र होते हैं. आइए तस्वीरों से इनकी घोर तपस्या को समझने का प्रयास करते हैं.
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चिलम के धुएं और रक्तरंजित लाल आखों के साथ दिखाई दे रहे यह नागा साधु साक्षात शिव का रौद्र रूप लगते हैं. यहां आपको ऐसे कई नागा बाबा मिलेंगे.
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नागा साधुओं का विश्वास है कि इंसान अपनी यौन इच्छाओं पर काबू पाकर शारीरिक शक्ति अर्जित कर सकता है.
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नागा शरीरिक क्रियाओं से मन को पराजित करने का दम भी रखते हैं. एक नागा बाबा ने तो सालों से अपना हाथ सिर से ऊपर उठाए रखने की प्रतिज्ञा ले रखी है.
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नागा साधु में चरस का सेवन बहुत ही सामान्य है. वह इसे साधना के दौरान जाग्रत रहने और ध्यान केंद्रित करने के लिए जरूरी बताते हैं.
कुछ नागा साधु तो अपनी अनोखी दाढ़ी और बालों की वजह से भी लोगों का ध्यान खींचते हैं. वह लोगों के सिर पर अपना पैर रखकर आशीर्वाद देते हैं.
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नागा साधु अपने पूरे शरीर पर श्मशान की राख लगाए रहते हैं. भभूत को नागा साधु पवित्र मानते हैं. यही इनके वस्त्र हैं और यही इनका श्रृंगार.
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