क्या महिला नागा साध्वी 'मासिक धर्म' के दौरान कर सकती हैं अमृत स्नान, जानें नियम

25 JAN 2025

मेघा रुस्तगी

प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत हो चुकी है और इस महाकुंभ में करोड़ों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने आए हैं.

वहीं, श्रद्धालुओं के साथ साथ 13 आध्यात्मिक अखाड़ों के संन्यासी, साधु, नागा साधु और नागा साध्वी भी शामिल हुए हैं.

नियमों के अनुसार, महाकुंभ का पहला स्नान नागा साधु ही कर सकते हैं और उनके बाद ही नागा साध्वी स्नान कर सकती हैं. 

लेकिन, अगर कोई महिला साध्वी इस दौरान माहवारी या मासिक धर्म से गुजर रही है तो क्या वो अमृत स्नान कर सकती हैं. आइए जानते हैं.

महावारी या मासिक धर्म के दौरान एक महिला साधु को गंगा में स्नान करने की अनुमति नहीं होती हैं. 

इस दौरान वो सिर्फ गंगाजल को हाथ में लेकर अपने ऊपर छिड़क सकती हैं और इसे ही महिला साध्वी का गंगा स्नान मान लिया जाता है.

इसके अलावा, माहवारी या मासिक धर्म के दौरान महिला साधु अपने ही शिविर में रहती हैं और वहीं रहकर जल में गंगाजल में मिलाकर स्नान करती हैं.

हालांकि, गृहस्थ जीवन में भी माहवारी या मासिक धर्म के दौरान गंगा नदी या किसी भी नदी में स्नान करने की मनाही होती है.