26 FEB 2025
aajtak.in
आज पूरे देश में महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जा रहा है और हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है.
माना जाता है महाशिवरात्रि पर रात को महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति मजबूत हो जाती है और जीवन में धन लाभ होने लगता है.
आइए महाशिवरात्रि के मौके पर जानते हैं कि महामृत्युंजय मंत्र का किस तरह से जाप करना है और जाप से क्या लाभ होगा.
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्. उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
महामृत्युंजय मंत्र के जाप से व्यक्ति हमेशा खुशहाल रहता है. साथ ही व्यक्ति के जीवन में धनधान्य की कमी भी नहीं होती है, आर्थिक स्थिति भी अच्छी रहती है.
इसके अलावा, महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से लंबी उम्र का वरदान प्राप्त होता है. साथ ही व्यक्ति रोग मुक्त भी रहता है.
शिवपुराण के मुताबिक, महामृत्युंजय मंत्र बहुत ही शक्तिशाली मंत्र है. इस मंत्र का जाप 108 बार करना चाहिए. उसके बाद भगवान शिव के आगे या शिवलिंग के आगे दीपक जलाना चाहिए.
उसके बाद भगवान शिव के आगे या शिवलिंग के आगे दीपक जलाना चाहिए और भगवान शिव का ध्यान लगाना चाहिए.
महाशिवरात्रि का पूजन निशिता काल में किया जाता है. निशिता काल 27 फरवरी यानी रात 12:09 मिनट से लेकर 12:59 मिनट तक रहेगा. प्रथम प्रहर पूजन का समय शाम 6:19 मिनट से लेकर रात 9:26 मिनट तक रहेगा.
दूसरा पहर रात 9:26 मिनट से अर्धरात्रि 12:34 मिनट तक, तीसरा पहर अर्धरात्रि 12:34 मिनट से सुबह 3:41 मिनट तक और चौथा पहर सुबह 3:41 मिनट से 6:48 मिनट तक.