25 FEB 2025
aajtak.in
इस बार महाशिवरात्रि का व्रत 26 फरवरी यानी कल रखा जाएगा. हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि को यह त्योहार मनाया जाता है.
महाशिवरात्रि का त्योहार बहुत ही खास माना जाता है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना की जाती है.
इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने से भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है और हर इच्छा पूरी होती है.
ज्योतिषियों की मानें तो, महाशिवरात्रि के दिन जलाभिषेक करते समय मंत्रों का उच्चारण करना चाहिए और इस दिन जलाभिषेक शुभ मुहूर्त में ही करना चाहिए.
भगवान शिव का सबसे प्रिय मंत्र है -ऊं नम: शिवाय. जलाभिषेक करते समय इस मंत्र का उच्चारण जरूर करें.
इसके अलावा, ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।। इस मंत्र का जाप करें, इससे आर्थिक स्थिति अच्छी रहती है.
ऊं नमो भगवते नम: और ऊं तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहितन्नो रुद्र: प्रचोदयात! महादेव का ये मंत्र सर्वशक्तिशाली मंत्र माने जाते हैं.
इस दिन सुबह 6 बजकर 47 बजे से सुबह 9 बजकर 42 बजे तक जल चढ़ाया जा सकता है. इसके बाद मध्यान्ह काल में भी सुबह 11 बजकर 06 बजे से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 बजे तक जल चढ़ाया जा सकता है.
फिर, दोपहर 3 बजकर 25 बजे से शाम 6 बजकर 08 बजे तक भी जलाभिषेक किया जा सकता है. और आखिरी मुहूर्त रात में 8 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगा और रात 12 बजकर 01 बजे तक रहेगा.