22 FEB 2025
aajtak.in
महाशिवरात्रि, हिंदू परंपरा का एक बहुत बड़ा पर्व है. हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है.
माना जाता है कि इस दिन भगवान शिव का प्राकट्य हुआ था और इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का भी विवाह हुआ था.
महाशिवरात्रि के दिन महादेव की उपासना से जीवन में संपूर्ण सुख प्राप्त होते हैं. और इस दिन व्रत, उपवास, मंत्रजाप और रात्रि जागरण का विशेष महत्व है.
इस बार महाशिवरात्रि का व्रत 26 फरवरी, बुधवार को रखा जाएगा. महाशिवरात्रि की पूजा रात्रि में करना सबसे फलदायी माना जाता है.
महाशिवरात्रि की चतुर्दशी तिथि इस बार 26 फरवरी को सुबह 11:08 मिनट पर शुरू होगी और तिथि का समापन 27 फरवरी को सुबह 8:54 मिनट पर होगा. महाशिवरात्रि की पूजा निशिता काल में की जाती है.
महाशिवरात्रि के दिन निशिता काल का समय 27 फरवरी को रात 12:09 मिनट से लेकर 12:59 मिनट तक रहेगा. प्रथम प्रहर पूजन का समय शाम 6:19 मिनट से लेकर रात 9:26 मिनट तक रहेगा.
दूसरा पहर रात 9:26 मिनट से अर्धरात्रि 12:34 मिनट तक, तीसरा पहर अर्धरात्रि 12:34 मिनट से सुबह 3:41 मिनट तक और चौथा पहर सुबह 3:41 मिनट से 6:48 मिनट तक.
इस दिन सुबह 6 बजकर 47 बजे से सुबह 9 बजकर 42 बजे तक जल चढ़ाया जा सकता है. इसके बाद मध्यान्ह काल में भी सुबह 11 बजकर 06 बजे से लेकर दोपहर 12 बजकर 35 बजे तक जल चढ़ाया जा सकता है.
फिर, दोपहर 3 बजकर 25 बजे से शाम 6 बजकर 08 बजे तक भी जलाभिषेक किया जा सकता है. और आखिरी मुहूर्त रात में 8 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगा और रात 12 बजकर 01 बजे तक रहेगा.