26 FEB 2025
aajtak.in
महाशिवरात्रि 26 फरवरी यानी आज मनाया जा रहा है. हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का त्योहार मनाया जाता है.
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना की जाती है. साथ ही, इस दिन नंदी देव की पूजा भी की जाती है.
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, नंदी देव भगवान शिव के भक्त थे और वो भगवान शिव के वाहन भी थे.
हमेशा आपने इस बात पर गौर किया होगा कि भगवान शिव के मंदिर में प्रवेश करने से पहले बाहर शिवजी के प्रिय नंदी देव विराजमान होते हैं.
ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव के साथ नंदी देव की पूजा करना बेहद जरूरी होता है, जिनके माध्यम से शिवजी अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं.
लेकिन, क्या आप जानते हैं कि नंदी देव का एक पैर हमेशा उठा क्यों रहता है और क्या है इसके पीछे की वजह. चलिए जानते हैं.
दरअसल, नंदी देव एक पैर उठा रहना और तीनों पैर मुड़े हुए रहना इस बात की ओर इशारा करते हैं कि कलयुग में सिर्फ 1/4 हिस्सा ही धर्म रह गया है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नंदी जी के चारों पैर दया, सत्य, अहिंसा और शांति का प्रतीक माने जाते हैं.
इतना ही नहीं, नंदी देव स्वयं धर्म का प्रतीक हैं. इसलिए, भगवान शिव के लिए भी धर्म बेहद महत्वपूर्ण कहलाता है अर्थात धर्म के महत्व को दर्शाता है.
इसलिए, नंदी देव बैठे रहते हैं और हमेशा भगवान को देखते हैं, ये इस अर्थ को व्यक्त करता है कि जीवन का उद्देश्य एकता और धर्म है.
वो ये भी दर्शाते हैं कि ईश्वर को हर चीज में देखें और ईश्वर की हर रचना से प्रेम करें. जीवन का लक्ष्य ही ईश्वर-प्राप्ति है.