14 JAN 2025
aajtak.in
सनातन धर्म में मकर संक्रांति का विशेष महत्व है. यह पर्व हर साल सूर्य देव के मकर राशि में गोचर करने की तिथि पर मनाया जाता है.
मकर संक्रांति पर ब्रह्मबेला में गंगा स्नाना किया जाता है. इसके बाद पूजा, जप-तप एवं दान-पुण्य किया जाता है.
सनातन शास्त्रों में निहित है कि मकर संक्रांति पर गंगा स्नान करने से जाने-अनजाने में किए गए पाप नष्ट हो जाते हैं। वहीं, सूर्य देव की उपासना करने से आरोग्य जीवन का वरदान मिलता है.
वहीं, ज्योतिषियों की मानें तो, मकर संक्रांति की रात मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए कुछ खास उपाय करने चाहिए.
मकर संक्रांति की रात चंद्रदेव को दूध से अर्घ्य जरूर देना चाहिए और अपनी सभी इच्छाओं के लिए चंद्रदेव से प्रार्थना करनी चाहिए.
मकर संक्रांति के दिन गुड़ और तिल का प्रसाद बनाएं और उसे अर्धसंध्या के समय श्रीहरि और मां लक्ष्मी को अर्पित करें.
इसके अलावा, मकर संक्रांति की रात मां लक्ष्मी के पूजन के बाद पीली कौड़ियां लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दें.