2 Apr 2025
Aajtak.in
चैत्र नवरात्र में महाअष्टमी और महानवमी का बड़ा महत्व है. अष्टमी तिथि को महागौरी की पूजा का विधान है तो महानवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है.
इस दिन छोटी-छोटी कन्याओं का पूजन करने की परंपरा है. आइए जानते हैं कि इस बार अष्टमी-नवमी पर कन्या पूजन का मुहूर्त क्या रहने वाला है.
हिंदू पंचांग के अुनसार, अष्टमी तिथि 4 अप्रैल को रात 8:12 मिनट से शुरू होकर 5 अप्रैल 7:26 मिनट पर समाप्त होगी.
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उदिया तिथि के अुनसार, महाअष्टमी का कन्या पूजन शनिवार, 5 अप्रैल को किया जाएगा. कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 11:59 से दोपहर 12:29 बजे तक है.
इस बार रविवार, 6 अप्रैल को नवरात्र की महानवमी है. महानवमी पर कन्या पूजन का मुहूर्त 6 अप्रैल को सुबह 11:59 से दोपहर 12:50 बजे तक रहेगा.
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कन्या पूजन के बिना नवरात्र अधूरे हैं. अष्टमी या महानवमी पर कन्या पूजन से एक दिन पहले ही कन्याओं का घर आने का निमंत्रण दे आएं.
फिर अष्टमी-नवमी पर उनके पैर धुलाएं. साफ आसन पर बैठाएं. चंदन का टीका लगाएं और उन्हें भोजन कराएं. खाने में खीर-पूरी, चने की व्यवस्था करें.
फिर भोजन होने के बाद उनके हाथ धुलाएं. उसके बाद दान दक्षिण और उपहार देकर उनके पैर छूकर प्रणाम करें. मां के जयकारे लगाकर उन्हें सम्मानपूवर्क विदा करें.