प्रेमानंद महाराज ने क्यों कहा, वृंदावन आकर भूलकर ना करें ये गलती

उत्तर प्रदेश में स्थित मथुरा और उससे थोड़ी ही दूर स्थित वृंदावन भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं का स्थान माना जाता है.

धार्मिक स्थलों में घूमने के शौकीन लोग अक्सर मथुरा और खासकर वृंदावन घूमने जाते हैं. 

प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि अगर दो दिनों के लिए वृंदावन आते हैं तो कम से कम एक दिन जरूर उपवास करना चाहिए.

महाराज कहते हैं कि यहां चाट-पकौड़ी खाने के लिए आप नहीं आए हैं. ये कहीं भी खा सकते हैं. यहां लोग वो प्राप्त करने आते हैं, जो कहीं प्राप्त नहीं हो सकता.

प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि वृंदावन आकर नाम जाप करें, सत्संग सुनें, यमुना किनारे बैठकर कीर्तन करें. यहां वह नहीं करें जो आप संसार में करते हैं.

प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि वृंदावन एक धाम है. यह भगवान कृष्ण का महल है. यहां किसी भी तरह का कोई विसंग नहीं करें. गंदगी मत फैलाएं.

प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि यहां धन-बल की बदौलत कोई नहीं आता है. बड़ी कृपा होने के बाद ही लोग वृंदावन आते हैं. 

प्रेमानंद महाराज आगे कहते हैं कि अगर वृंदावन आकर आप ये गलती करते हैं तो आपके सारे सुकर्म नष्ट हो जाएंगे.