16 Feb 2025
Aajtak.in
वृंदावन वाले प्रेमानंद महाराज और NRI ग्रीन सोसायटी के बीच चल रहा विवाद खत्म हो गया है. शिकायत करने वाली सोसायटी के अध्यक्ष ने माफी मांग ली है.
NRI ग्रीन सोसायटी के अध्यक्ष खुद प्रेमानंद महाराज के दरबार पहुंचे और उन्होंने दंडवत होकर माफी मांगी. प्रेमानंद जी ने इसे सहर्ष स्वीकार किया.
बता दें कि सोसायटी के लोगों ने प्रेमानंद जी की पदयात्रा के दौरान ध्वनि प्रदूषण और ढोल-नगाड़े के शोर का हवाला देते हुए शिकायत दर्ज कराई थी.
नतीजन प्रेमानंद जी को सोसायटी के रास्ते पर पैदल यात्रा बंद करनी पड़ी और गाड़ी से आने लगे. इसके बाद सोसायटी के खिलाफ देशभर में विरोध हुआ.
विवाद बढ़ता देख सोसायटी के अध्यक्ष प्रेमानंद जी के दरबार पहुंचे और माफी मांगी. उन्होंने बताया कि आखिर यह विवाद क्यों बढ़ा.
सोसायटी के अध्यक्ष ने कहा, 'सोसायटी के लोग गलतफहमी का शिकार हो गए थे. उन्होंने कुछ यूट्यूबर्स की बातों में आकर गलत बयान दे दिया था.'
'सोसायटी के लोग अब पछता रहे हैं. एक बृजवासी होने के नाते मैं इसके लिए क्षमा मांगता हूं. ये विवाद गलत जगह पटाखा चलाने की वजह से बढ़ा था.'
बता दें कि एक बार पहले भी स्थानीय निवासियों ने प्रेमानंद जी की पदयात्रा में तेज आवाज में बजने वाले ढोल-नगाड़ों को लेकर आपत्ति जताई थी.
मथुरा में जब महिलाओं ने इस पदयात्रा का विरोध किया था, तब धीरेंद्र शास्त्री को भी अपनी एक टिप्पणी के कारण वृंदावनवासियों से माफी मांगनी पड़ी थी.
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था, 'देवियों, यदि तुम साधु के भजन पर रोक लगाओगी, तो तुम इंसान नहीं सकती. ऐसे लोगों को वृंदावन छोड़ दिल्ली चले जाना चाहिए.'